Jammu Kashmir: कठुआ के रहने वाले सात आतंकी पाकिस्तान से फिर सक्रिय, दूरदराज इलाकों में बना रहे बड़ा नेटवर्क
पाकिस्तानी सेना की एक विशेष शाखा ने इन आतंकियों को जम्मू-कश्मीर के दूरदराज इलाकों में स्लीपर सेल नेटवर्क खड़ा करने का जिम्मा सौंपा है। इनके बाकायदा हैंडलर नियुक्त कर दिए गए हैं। बिलावर के मलाड़ इलाके से जैश आतंकी जाकिर हुसैन के पकड़े जाने के बाद खुफिया एजेंसियों को पुख्ता जानकारी मिली है।
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आतंकवाद के लिहाज से कभी बेहद संवेदनशील रहे कठुआ जिला बिलावर के मल्हार इलाके के सात आतंकी पाकिस्तान में फिर सक्रिय हो गए हैं। पाकिस्तानी सेना की एक विशेष शाखा ने इन आतंकियों को जम्मू-कश्मीर के दूरदराज इलाकों में स्लीपर सेल नेटवर्क खड़ा करने का जिम्मा सौंपा है।
इनके बाकायदा हैंडलर नियुक्त कर दिए गए हैं। बिलावर के मलाड़ इलाके से जैश आतंकी जाकिर हुसैन के पकड़े जाने के बाद खुफिया एजेंसियों को पुख्ता जानकारी मिली है। मलाड़ और मल्हार दोनों ही इलाके बिलावर में पड़ते हैं।
मल्हार से फरार होकर पाकिस्तान में जा छिपे यह सात आतंकी लंबे समय से कोई हलचल नहीं कर रहे थे। खुफिया एजेंसियों के पास इनके खास इनपुट भी नहीं थे। जाकिर की गिरफ्तारी के बाद इन सात आतंकियों के बड़ी साजिश में शामिल होने की पुख्ता जानकारी सामने आई है।
पाकिस्तान सेना की 10 आजाद कश्मीर रेजीमेंट ने इन आतंकियों के लिए हैंडलर नियुक्त किए हैं। यह आतंकी सोशल मीडिया के जरिये पूर्व आतंकियों या फिर अलगाववाद से प्रेरित लोगों को तलाश कर उनसे संपर्क कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर अपनी लोकेशन ट्रेस होने से बचाने के लिए यह आतंकी आईपी एप का इस्तेमाल कर रहे हैं। संपर्क होने के बाद यह आतंकी अपने हैंडलर से राब्ता करवाते हैं। मल्हार निवासी सात आतंकियों की पुख्ता सूचनाएं मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। संभावित ठिकानों और लोगों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
बसों में धमाके करने वाला असलम व जाकिर जेल में आए थे संपर्क में
उधमपुर के टीसीपी दोमेल और बस अड्डे पर खड़ी बसों में धमाके करने वाला असलम और बिलावर के मलाड़ से पकड़ा गया जाकिर जम्मू की कोट भलवाल जेल में एक दूसरे से मिले थे। जेल से रिहा होने के बाद दोनों का संपर्क पाकिस्तान में बैठे हैंडलर से हुआ।
खुफिया सूत्रों ने बताया कि असलम लश्कर के हैंडलर से संचालित हो रहा था, जबकि जाकिर को जैश का हैंडलर गुलाम फरीद निर्देश दे रहा था। दोनों मॉड्यूल को हथियार पहुंचाने के लिए ड्रोन का भी सहारा लिया गया।
असलम से बरामद विस्फोटक भी कठुआ जिले के दयालाचक से ही बसंतगढ़ पहुंचाए गए थे। इसी तरह से जाकिर से पकड़े गए तीन स्टिकी बम, तीन आईईडी समेत अन्य विस्फोटक भी ड्रोन से इस पार आए और फिर बिलावर तक पहुंचाए गए।