जम्मू। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर जम्मू विश्वविद्यालय के बौद्ध अध्ययन विभाग ने इनटैक जम्मू चैप्टर और हलोटी गोम्पा वेलफेयर सोसाइटी, किश्तवाड़ के सहयोग से आधुनिक दुनिया में बौद्ध धर्म की प्रासंगिकता विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया।
उर्दू विभाग के सेमिनार हॉल में आयोजित इस संगोष्ठी की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद बुद्ध को पुष्पांजलि अर्पित की गई, जबकि छात्रों और विद्वानों ने पाली में प्रार्थना की। उद्घाटन सत्र के जम्मू-कश्मीर संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव, सुरेश कुमार गुप्ता मुख्य अतिथि थे। उन्होंने वर्तमान समय में गौतम बुद्ध की शिक्षाओं की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उनकी शिक्षा मार्गदर्शन करती है। संगोष्ठी में प्रोफेसर राम नंदन सिंह मुख्य वक्ता थे। उन्होंने गौतम बुद्ध की शिक्षाओं यानी चार आर्य सत्य, अष्टांगिक मार्ग, सापेक्षता का सिद्धांत और ब्रह्मविहार के बारे में भी बात की। डॉ. अजय कुमार सिंह ने वर्तमान वैश्विक संदर्भ में शांति, सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने में प्रेम, दया और मित्रता के महत्व के बारे में बात की। उन्होंने बौद्ध धर्म और कश्मीर शैव धर्म के तुलनात्मक पहलुओं पर भी चर्चा की। ब्यूरो