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अब पीओके विस्थापितों की राहत में घोटाला
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 27 Dec 2015 10:06 PM IST
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लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे पीओके विस्थापितों के लिए दुखद बात यह है कि उनको मिलने वाली राहत में घोटाले का खुलासा हुआ है। शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंची है और क्राइम ब्रांच ने इस संबंध में शिकायत (नंबर 11208, 2015) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पीओके विस्थापित कुलभूषण राज आनंद ने इस मामले में मुख्यमंत्री के अलावा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, राजस्व मंत्री, पुनर्वास मंत्री, मुख्य सतर्कता आयुक्त, आईजीपी, डिवकाम और क्राइम ब्रांच को शिकायत की है।
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शिकायत में कहा गया कि यह घोटाला राजस्व विभाग के पटवारी द्वारा किया गया है। पटवारी ने नियमों को ताक पर रख अवैध रूप से दोहरा अलाटमेंट करवाया।
नियम के अनुसार उस समय विस्थापितों को क्वार्टर या खेती वाली जमीन देने का प्रावधान था, लेकिन पीओके से विस्थापित होकर आए राजा राम सूरी और उनका परिवार 1947 में जम्मू आया।
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हालांकि 1947 में सूरी का निधन हो गया और उनके परिवार को बख्शी नगर में क्वार्टर मिला। उनके बेटे रामपाल सूरी राजस्व विभाग में पटवारी थे। अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उन्होंने दूसरा अलाटमेंट करवाया, जिसकी सरकारी आदेश (578-सी, 1954) के तहत अनुमति नहीं है।
शिकायत में कहा गया कि क्वार्टर के अलावा गांव चक्क गोरियां (अरनियां) में जमीन अलाट करवाई। शिकायतकर्ता आनंद ने कहा कि उक्त जमीन वापस लेने के अलावा उनसे पिछले 60 साल की रिकवरी भी की जाए। साथ ही आरोपियों पर कार्रवाई की जाए।