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जम्मू-कश्मीर में सरकारी भूमि पर कब्जा हटाने को लेकर पाई गई गड़बड़ियां, राज्यपाल ने दिए जांच के आदेश

Fri, 13 Sep 2019 10:38 PM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर Published by: Pranjal Dixit Updated Fri, 13 Sep 2019 10:38 PM IST
सार

  • रोशनी एक्ट में गड़बड़ियों की जांच के आदेश, फारूक सरकार में पास हुआ था एक्ट
  • राज्यपाल ने जम्मू व श्रीनगर के मामलों की एसीबी से जांच करने को कहा

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Satya Pal Malik Orders ACB Probe into Illegal Land Grabbing by Misusing Law in Jammu kashmir
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक - फोटो : फाइल, अमर उजाला

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने रोशनी एक्ट में गड़बड़ियों तथा धोखाधड़ी के मामलों की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को जम्मू-कश्मीर स्टेट लैंड्स एक्ट 2001 को लागू करने में की गई गड़बड़ियों तथा धोखाधड़ी से जुड़े जम्मू व श्रीनगर जिलों के सभी मामलों की जांच करने को कहा है। इस एक्ट को सामान्य बोलचाल की भाषा में रोशनी एक्ट कहा जाता है जो 2001 में पारित किया गया था। 
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शिकायत है कि एक्ट के तहत जो लोग पात्र नहीं थे उन्होंने जम्मू व श्रीनगर जिलों में महंगी जमीनें अनियमितताओं तथा धोखाधड़ी के जरिये हासिल कीं। इन शिकायतों के आधार पर राज्यपाल प्रशासन ने 2018 में रोशनी एक्ट की सभी औपचारिकताओं पर रोक लगा दी थी ताकि इसमें और अधिक धोखाधड़ी न होने पाए। 
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अनियमितताओं के संबंध में लगातार मिल रही शिकायतों पर राज्यपाल ने दोनों राजधानियों से जुड़े मामलों की जांच एसीबी को सौंपने का आदेश दिया। एसीबी को जल्द से जल्द मामलों की जांच पूरी करने तथा दोषियों के खिलाफ अविलंब कार्रवाई करने को कहा गया है। ज्ञात हो कि एक्ट के तहत आवंटन में गड़बड़ियां कर भूमि हासिल करने की ढेर सारी शिकायतें राज्यपाल प्रशासन के पास पहुंची हैं। 
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फारूक सरकार में पास हुआ था एक्ट
पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की सरकार में यह एक्ट पारित किया गया था। इसका उद्देश्य यह था कि सरकारी भूमि से कब्जा को कम किया जा सके। इसके लिए कब्जाधारकों को बाजार दर पर जमीन आवंटित करने का प्रस्ताव था। इसके तहत 20 लाख कनाल ( एक कनाल =506 वर्गमीटर) जमीन से 25 हजार करोड़ रुपये मिलना था। 
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