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Jammu News: तटबंध के अभाव में बसंतर, देविक नदियां रामगढ़ में बदल रहीं रास्ता
Wed, 20 Aug 2025 02:32 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Wed, 20 Aug 2025 02:32 AM IST
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सांबा में रामगढ के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा करतीं उपायुक्त सांबा व अन्य। संवाद
भारत-पाक सीमा पर ग्रामीणों की खेती में बाढ़ से जमा हो रहे पत्थर
सांबा। जिले के रामगढ़ क्षेत्र में पाकिस्तान की तरफ बहने वाली बसंतर व देविक नदियों में बाढ़ आने से भारत-पाक सीमा पर लगाई बाढ़ को नुकसान पहुंचने का अंदेशा है।
डीसी ने रामगढ़ में भारत-पाक सीमा का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। जिला विकास परिषद सदस्य सर्वजीत सिंह ने कहा कि पहले पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी के कारण जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कृषि गतिविधियां प्रभावित हुईं और अब बाढ़ का पानी रामगढ़ क्षेत्र में धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहा है।
उन्होंने कहा कि बीएसएफ की नर्सरी पोस्ट से लेकर बीएसएफ मल्लु चक पोस्ट और रामगढ़ क्षेत्र में तंवर बीएसएफ पोस्ट तक अचानक बाढ़ आने से तटबंध में नुकसान पहुंच जाता है। गत 10 वर्ष पूर्व भी बाढ़ से तटबंध टूट गया था जिससे किसानों की हजारों एकड़ भूमि पर पत्थर बिछ गए थे। उनका कहना है कि सीमा पर मजबूत तटबंध ही बरसात के मौसम में कटाव से बचा सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि पिछले साल एलजी मनोज सिन्हा ने चमलियाल मेले का दौरा किया था और उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि बसंतर नदी के किनारे मजबूत तटबंध बनाया जाएगा स्थानीय किसानों की भूमि को नुकसान ना पहुंचे ताकि तारबंदी को भी नुकसान न हो। परिणामस्वरूप 25 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई थी लेकिन बाद में कुछ नहीं किया गया।
पूर्व मंत्री सुखनंदन कुमार ने भी अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों का दौरा किया और स्थिति का प्रत्यक्ष जायजा लिया। उन्होंने कहा कि उचित तटबंध के अभाव में ही बसंतर, देविक नदियां रामगढ़ क्षेत्र में अपना मार्ग बदल लेती हैं।
उन्होंने प्रशासन से विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में कृषि क्षेत्रों को होने वाले लगातार नुकसान को रोकने के लिए नालों के किनारे सुरक्षा दीवारें बनाने का आग्रह किया है। साथ ही एलजी मनोज सिन्हा से अपील की है कि वे स्थिति का आकलन करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में टीमें तैनात करें और डिविजनल कमिश्नर को 25 करोड़ रुपये की पहले से तैयार डीपीआर को निष्पादित करने का आदेश जारी करें।
डीसी आयुषी सदन ने भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा का दौरा किया व बसंतर नदी से हो रहे भूमि कटाव की जानकारी ली। उनके साथ डीडीसी अध्यक्ष केशव शर्मा और बीएसएफ के अधिकारी मौजूद रहे।
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सांबा। जिले के रामगढ़ क्षेत्र में पाकिस्तान की तरफ बहने वाली बसंतर व देविक नदियों में बाढ़ आने से भारत-पाक सीमा पर लगाई बाढ़ को नुकसान पहुंचने का अंदेशा है।
डीसी ने रामगढ़ में भारत-पाक सीमा का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। जिला विकास परिषद सदस्य सर्वजीत सिंह ने कहा कि पहले पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी के कारण जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कृषि गतिविधियां प्रभावित हुईं और अब बाढ़ का पानी रामगढ़ क्षेत्र में धान की फसल को नुकसान पहुंचा रहा है।
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उन्होंने कहा कि बीएसएफ की नर्सरी पोस्ट से लेकर बीएसएफ मल्लु चक पोस्ट और रामगढ़ क्षेत्र में तंवर बीएसएफ पोस्ट तक अचानक बाढ़ आने से तटबंध में नुकसान पहुंच जाता है। गत 10 वर्ष पूर्व भी बाढ़ से तटबंध टूट गया था जिससे किसानों की हजारों एकड़ भूमि पर पत्थर बिछ गए थे। उनका कहना है कि सीमा पर मजबूत तटबंध ही बरसात के मौसम में कटाव से बचा सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि पिछले साल एलजी मनोज सिन्हा ने चमलियाल मेले का दौरा किया था और उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि बसंतर नदी के किनारे मजबूत तटबंध बनाया जाएगा स्थानीय किसानों की भूमि को नुकसान ना पहुंचे ताकि तारबंदी को भी नुकसान न हो। परिणामस्वरूप 25 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की गई थी लेकिन बाद में कुछ नहीं किया गया।
पूर्व मंत्री सुखनंदन कुमार ने भी अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों का दौरा किया और स्थिति का प्रत्यक्ष जायजा लिया। उन्होंने कहा कि उचित तटबंध के अभाव में ही बसंतर, देविक नदियां रामगढ़ क्षेत्र में अपना मार्ग बदल लेती हैं।
उन्होंने प्रशासन से विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में कृषि क्षेत्रों को होने वाले लगातार नुकसान को रोकने के लिए नालों के किनारे सुरक्षा दीवारें बनाने का आग्रह किया है। साथ ही एलजी मनोज सिन्हा से अपील की है कि वे स्थिति का आकलन करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में टीमें तैनात करें और डिविजनल कमिश्नर को 25 करोड़ रुपये की पहले से तैयार डीपीआर को निष्पादित करने का आदेश जारी करें।
डीसी आयुषी सदन ने भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा का दौरा किया व बसंतर नदी से हो रहे भूमि कटाव की जानकारी ली। उनके साथ डीडीसी अध्यक्ष केशव शर्मा और बीएसएफ के अधिकारी मौजूद रहे।