फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   saharanpur violence is akhilesh government failure

'सहारनपुर हिंसा अखिलेश सरकार की नाकामी'

Mon, 28 Jul 2014 02:36 AM IST
Updated Mon, 28 Jul 2014 02:36 AM IST
विज्ञापन
saharanpur violence is akhilesh government failure

सहारनपुर सांप्रदायिक हिंसा पर राजनीति तेज हो गई है। हिंसा को योजनाबद्ध और उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार की नाकामी का नतीजा बताते हुए भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य एवं जम्मू कश्मीर प्रदेश के सह प्रभारी आरपी सिंह ने हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

विज्ञापन


जम्मू में पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में आरपी सिंह ने कहा कि देश के दो अल्पसंख्यक समुदायों के बीच हिंसा योजनाबद्ध तरीके से करवाई जा रही है।

विज्ञापन

'दबंगता कायम रखने का झगड़ा'

saharanpur violence is akhilesh government failure

सिंह ने कहा कि ह‌िंसा में अब तक करीब तीन लोगों की मौत हो चुकी है और दो दर्जन से ज्यादा का घायल होना सांप्रदायिक हिंसा की भयावह तस्वीर को पेश करता है।

उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक हिंसा कोई जमीन के टुकड़े का झगड़ा नहीं है, जबकि दबंगता कायम रखने का झगड़ा है। इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार को हिंसा रोकने के सभी प्रभावी कदम उठाने को कहा है।

उन्होंने कहा कि वह भी सोमवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिलेंगे और उत्तर प्रदेश में रहने वाले सिखों की सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए उचित कदम उठाने का आग्रह करेंगे।

मुआवजे से जख्म नहीं भरते

saharanpur violence is akhilesh government failure

स‌िंह ने कहा कि घटना के पीछे जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। केवल मुआवजा जारी करने से कोई जख्म नहीं भरते।

सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ अर्से से लगातार सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं होती रही हैं और यह अखिलेश सरकार की नाकामी को दर्शाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed