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बाढ़ राहत पर सदन का विशेष सत्र बुलाया जाए: सागर
अमृतपाल सिंह बाली/ अमर उजाला, श्रीनगर
Updated Fri, 19 Jun 2015 12:23 AM IST
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नेशनल कांफ्रेंस ने बाढ़ राहत पैकेज पर चर्चा करने के लिए सदन का विशेष सत्र बुलाए जाने पर बल दिया है। वहीं, मुफ्ती सरकार को तुच्छ बाढ़ पैकेज के लिए सह रचयिता माना है। नेकां ने पैकेज विरोधी पीडीपी नेताओं को पार्टी छोड़ने के लिए भी कहा। वीरवार को नेशनल कांफ्रेंस के जनरल सेक्रेटरी अली मोहम्मद सागर श्रीनगर में प्रेस वार्ता के दौरान अपने विचार रख रहे थे।
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नेकां की प्रेसवार्ता में सागर ने मुफ्ती सरकार को घेरते हुए फटकार लगाई तथा तुच्छ बाढ़ राहत पैकेज के लिए उन्हें सह रचयिता करार दिया। सागर ने कश्मीरी बाढ़-पीड़ितों के साथ एक गंदा मजाक बताया। पैकेज के बहाने बाढ़ से लगे जख्मों पर नमक छिड़कने का काम सरकार द्वारा किया गया है। सागर ने कहा कि राज्य के वित्तमंत्री द्वारा बाढ़ पीड़ितों के प्रति असंवेदनशील है।
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उन्होंने कहा कि पीडीपी द्वारा बाढ़-पीड़ितों के साथ पुनर्वास का वादा करते हुए बाढ़ पीड़ितों के ऊपर चुनाव थोपे गए। पीडीपी द्वारा बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास से अधिक महत्व भाजपा के साथ गठबंधन कर अपने सियासी पुनर्वास को दिया गया और वह भी उस समय पर जब हजारों की संख्या में बाढ़ पीड़ित बिना छत्त के सड़कों पर रातें गुजारने पर मजबूर थे।
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सागर ने कहा कि चुनाव के कारण आचार संहिता लागू होने से उस समय की उनकी सरकार द्वारा किए जा रहे पुनर्वास कार्यों पर भी ब्रेक लग गई। उन्होंने कहा कि करीब मुफ्ती सरकार को गठन हुए 9 महीने से अधिक समय हो चुका है और इस दौरान वह पूर्व नेकां सरकार द्वारा केंद्र से मांगे गए 44000 करोड़ के पैकेज के बजाय राज्य के बाढ़ पीड़ितों के लिए केवल 551 करोड़ केंद्रीय बाढ़ राहत पैकेज के तौर पर ला पाए।
उन्होंने बाढ़ पीड़ितों के साथ नाइंसाफी हो रही है और इसी सबसे ये साबित होता है बाढ़ पीड़ितों के साथ हो रहे मजाक की मुफ्ती सरकार सह-रचयिताहै।