जम्मू-कश्मीरः किश्तवाड़ आतंकी हमले में जवान शहीद, आरएसएस नेता की मौत
- जिले में पांच महीने बाद फिर आरएसएस नेता को बनाया निशाना
- तनाव को देखते हुए किश्तवाड़ व भद्रवाह में कर्फ्यू
- पीएसओ के हथियार भी लूट ले गए आतंकी
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जम्मू-कश्मीर पांच महीने बाद किश्तवाड़ में आतंकियों ने एक बार फिर आरएसएस नेता को निशाना बनाया। मंगलवार को जिला अस्पताल में हमला कर आतंकियों ने आरएसएस के सेवा प्रमुख चंद्रकांत शर्मा तथा उनके पीएसओ राजिंदर की हत्या कर दी। आतंकी पीएसओ का हथियार भी लूट ले गए। घटना के बाद पूरे किश्तवाड़ में तनाव व्याप्त हो गया। गुस्साए लोगों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की। कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए किश्तवाड़ व भद्रवाह में कर्फ्यू लगा दिया गया है। साथ ही सेना को भी बुला लिया गया है।
घटना दोपहर साढ़े 12 बजे की है। बताते हैं कि आरएसएस नेता चंद्रकांत जिला अस्पताल में सीनियर फार्मासिस्ट थे। दोपहर में वे ओपीडी में थे। ओपीडी से बाहर आते ही आतंकियों ने एके-47 राइफल से अंधाधुंध फायरिंग कर दी। फायरिंग में सबसे पहले पीएसओ मारा गया। इसके बाद आतंकियों ने आरएसएस नेता को गोली मारी। पीएसओ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल चंद्रकांत को पहले इमरजेंसी ले जाया गया। यहां हालत नाजुक होने पर जम्मू रेफर किया गया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही काफी संख्या में लोग जिला अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने पाकिस्तान तथा जिला प्रशासन व पुलिस विरोधी नारेबाजी की। गुस्साए लोगों ने ओपीडी के साथ ही इमरजेंसी में भारी तोड़फोड़ की। शीशे तोड़ दिए। कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचाने की भी कोशिश की गई। अस्पताल के बाद लोगों ने थाने पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान दूसरे समुदाय के लोग भी जुटने शुरू हो गए जिन्हें बाद में हटा दिया गया।
घटना के बाद पुलिस तथा सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी हासिल की। इसके बाद पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया गया जो देर रात तक चलता रहा। भाजपा सांसद डॉ. जितेंद्र सिंह व पूर्व मंत्री सुनील शर्मा ने मौके पर पहुंचकर जानकारी हासिल की। देर शाम जम्मू से चंद्रकांत का शव जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
बताते हैं कि आतंकियों की संख्या दो थी। वह जिला अस्पताल की चहारदीवारी फांदकर अस्पताल परिसर में घुसे थे। उन्होंने बैग में एके-47 राइफल रखी थी। आरएसएस नेता को देखते ही बैग से उन्होंने हथियार निकालकर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। सूत्रों का कहना है कि घटना के बाद आतंकी चहारदीवारी फांदकर ओम मेहता रोड से होते हुए भाग निकले। इस दौरान मोटरसाइकिल के इस्तेमाल किए जाने का शक है।
'ऐसा लगता है कि आतंकी आरएसएस नेता की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। मौका मिलते ही उन्होंने ताबड़तोड़ फायरिंग की जिसमें उनकी मौत हो गई। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।' - शक्ति पाठक, एसएसपी किश्तवाड़
'एहतियातन कर्फ्यू लगाया गया है। आतंकी वारदात को अंजाम देने के बाद पीएसओ का हथियार भी ले गए हैं। आस पास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया गया है। पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।' -मनीष सिन्हा, आईजी जम्मू
सूत्रों का कहना है कि आतंकियों ने घटना से पहले पूरी रेकी की है। उन्हें इस बात की पूरी जानकारी थी कि आरएसएस नेता ओपीडी में हैं और कुछ ही देर में निकलने वाले हैं। इसी आधार पर तत्काल आतंकी ओपीडी में पहुंच गए।
डोडा-किश्तवाड़ में दुकानें रहीं बंद
घटना के तत्काल बाद किश्तवाड़ के सभी स्कूल बंद हो गए। दुकानों के शटर भी गिर गए। लगभग अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। जो भी घर के बाहर था वह तत्काल घर पहुंच गया। डोडा में भी दुकानें तथा अन्य कारोबारी प्रतिष्ठान बंद रहे।
उमर और महबूबा ने की निंदा
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने किश्तवाड़ जिले में मंगलवार को आरएसएस के नेता और उनके निजी सुरक्षा अधिकारी की हत्या की निंदा की। अब्दुल्ला ने ट्वीट में कहा चंद्रकांत और उनके पीएसओ की किश्तवाड़ में आज की गई बर्बर हत्या की स्पष्ट शब्दों में निंदा करते हैं। उम्मीद है कि इलाके के लोग प्रशासन के साथ सहयोग करेंगे और शांति कायम रखेंगे। हत्या की निंदा करते हुए महबूबा मुफ्ती ने घटना की जांच की मांग की। उन्होंने ट्वीट में कहा कि ऐसा लगता है कि सांप्रदायिक तनाव भड़काने की बड़ी योजना का यह हिस्सा है। राज्यपाल से घटना की जांच कराने और किश्तवाड़ के लोगों से शांति और सौहार्द कायम रखने की अपील करती हैं।