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जम्मू रिंग रोड का कार्य अंतिम चरण में
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जम्मू। जम्मू में प्रतिष्ठित परियोजनाओं के लिहाज से अच्छी खबर है। जम्मू रिंग रोड के निर्माण का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। कुल 58. 25 किलोमीटर लंबी जम्मू रिंग रोड का तीस किलोमीटर तक कार्य पूरा हो गया है। शेष 28 किलोमीटर का कार्य भी 90 फीसदी से ज्यादा पूरा कर लिया गया है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के क्षेत्रीय अधिकारी रोहिन गुप्ता के अनुसार जुलाई महीने तक जम्मू रिंग रोड का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए संबंधित ठेकेदार को दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से 2018 में जम्मू रिंग रोड के निर्माण की आधार शिला रखी गई थी। करीब तीन साल में निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन कोरोना काल के चलते कार्य की रफ्तार पर असर पड़ा। कोरोना संक्रमण की रफ्तार के धीमा पड़ते ही निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है।
जम्मू रिंग रोड सांबा जिले के राया मोड़ से शुरू होकर नगरोटा बाईपास से लिंक होगी। जम्मू रिंग रोड पर यातायात शुरू होने के बाद जम्मू शहर में यातायात को सुव्यवस्थित बनाने में काफी मदद मिलेगी। दरअसल पठानकोट-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग से आने वाले बड़े वाहन जिसे ट्रक, बसें व सैन्य वाहन जिन्हें पठानकोट-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग से श्रीनगर या फिर पुंछ, राजोरी की तरफ जाना होगा। उन्हें जम्मू रिंग रोड से भेजा जाएगा।
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दो सुरंगों के काम में फंस रहा पेंच
जम्मू रिंग रोड के आखिरी पड़ाव नगरोटा बाईपास से रिंग रोड को लिंक करने के लिए 700 मीटर की दो सुरंगों के निर्माण में थोड़ा वक्त लग सकता है। सुरंगों की खुदाई के दौरान पिछले साल गीली मिट्टी की वजह से दोनों सुरंगों की डीपीआर को नए सिरे से तैयार किया गया है। ऐसे में सड़क निर्माण की प्रक्रिया जुलाई में पूरी होने के बाद भी दोनों सुरंगों के निर्माण में वक्त लगने से जम्मू रिंग रोड के पूरे हिस्से को खोलने में पेंच फंस सकता है।
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के क्षेत्रीय अधिकारी रोहिन गुप्ता के अनुसार जुलाई महीने तक जम्मू रिंग रोड का काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए संबंधित ठेकेदार को दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से 2018 में जम्मू रिंग रोड के निर्माण की आधार शिला रखी गई थी। करीब तीन साल में निर्माण कार्य को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन कोरोना काल के चलते कार्य की रफ्तार पर असर पड़ा। कोरोना संक्रमण की रफ्तार के धीमा पड़ते ही निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है।
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जम्मू रिंग रोड सांबा जिले के राया मोड़ से शुरू होकर नगरोटा बाईपास से लिंक होगी। जम्मू रिंग रोड पर यातायात शुरू होने के बाद जम्मू शहर में यातायात को सुव्यवस्थित बनाने में काफी मदद मिलेगी। दरअसल पठानकोट-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग से आने वाले बड़े वाहन जिसे ट्रक, बसें व सैन्य वाहन जिन्हें पठानकोट-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग से श्रीनगर या फिर पुंछ, राजोरी की तरफ जाना होगा। उन्हें जम्मू रिंग रोड से भेजा जाएगा।
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दो सुरंगों के काम में फंस रहा पेंच
जम्मू रिंग रोड के आखिरी पड़ाव नगरोटा बाईपास से रिंग रोड को लिंक करने के लिए 700 मीटर की दो सुरंगों के निर्माण में थोड़ा वक्त लग सकता है। सुरंगों की खुदाई के दौरान पिछले साल गीली मिट्टी की वजह से दोनों सुरंगों की डीपीआर को नए सिरे से तैयार किया गया है। ऐसे में सड़क निर्माण की प्रक्रिया जुलाई में पूरी होने के बाद भी दोनों सुरंगों के निर्माण में वक्त लगने से जम्मू रिंग रोड के पूरे हिस्से को खोलने में पेंच फंस सकता है।