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मंदिरों के शहर में नाग देवता की पूजा कर लिया आशीर्वाद
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जम्मू/दोमाना। मंदिरों के शहर में शनिवार को नागपंचमी का पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया गया। नाग देवता के मंदिरों और देवस्थानों पर दिन भर माथा टेकने के लिए भक्तों की भीड़ जुटी रही। गांधीनगर, गोल मार्केट, बन तालाब स्थित बाबा कैलख देवस्थान, अपर रूपनगर के आप शंभु मंदिर, नागबनी स्थित बाबा तल्लन नाग, मशीन दोमाना और दोमाना के बाबा सुरगल देवस्थान पर हजारों भक्तों ने शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। तवी पुल के पास महाराजा हरि सिंह की प्रतिमा के सामने स्थित शिव मंदिर में भी पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने नाग देवता को दूध चढ़ाया। कई देवस्थानों पर लंगर भी लगाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया।
नागबनी देवस्थान 600 साल पुराना है। यहां पर महाराजा हरि सिंह ने मंदिर का निर्माण करवाया था। पुजारी साहिल खजूरिया के अनुसार मान्यता है कि इस दिन बासुकी नाग के बेटे बाबा तल्लन नाग का जन्म हुआ था। नाग महादेव के प्रिय हैं, इसलिए इस दिन रोट, दूध, खीर, कच्ची लस्सी, फल आदि का नागों को भोग लगाने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उधर, दोमाना के बाबा सुरगल देव स्थान पर पूजा-अर्चना के साथ चौकी भी करवाई गई और लंगर लगाया गया। भक्तों ने नाग देवता से कोरोना महामारी से मुक्ति और सुख-समृद्धि की कामना की।
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नागबनी देवस्थान 600 साल पुराना है। यहां पर महाराजा हरि सिंह ने मंदिर का निर्माण करवाया था। पुजारी साहिल खजूरिया के अनुसार मान्यता है कि इस दिन बासुकी नाग के बेटे बाबा तल्लन नाग का जन्म हुआ था। नाग महादेव के प्रिय हैं, इसलिए इस दिन रोट, दूध, खीर, कच्ची लस्सी, फल आदि का नागों को भोग लगाने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उधर, दोमाना के बाबा सुरगल देव स्थान पर पूजा-अर्चना के साथ चौकी भी करवाई गई और लंगर लगाया गया। भक्तों ने नाग देवता से कोरोना महामारी से मुक्ति और सुख-समृद्धि की कामना की।
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