{"_id":"5f605e588ebc3e5fa12aab13","slug":"rb-education-trust-case-former-minister-choudhary-lal-singh-cbi-raids-9-related-places-case-registered","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर: पूर्व मंत्री चौधरी लाल सिंह के ठिकानों पर सीबीआई का छापा, कई अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर: पूर्व मंत्री चौधरी लाल सिंह के ठिकानों पर सीबीआई का छापा, कई अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज
Tue, 15 Sep 2020 11:55 AM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू
Published by: प्राची प्रियम
Updated Tue, 15 Sep 2020 11:55 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू नगर निगम कार्यालय में बीते दिनों छापे के दौरान जब्त किए गए रिकॉर्ड की जांच के बाद मंगलवार को सीबीआई ने कई आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसमें आरबी एजुकेशन ट्रस्ट, ट्रस्ट के अध्यक्ष, कठुआ के पूर्व डीसी, पूर्व तहसीलदार, पूर्व नायब तहसीलदार भी शामिल हैं।
विज्ञापन
इस मामले में अब सीबीआई कुल 9 जगहों पर छापे मारकर आरोपियों की तलाश कर रही है। आरबी शिक्षण संस्थान और ट्रस्ट के अध्यक्ष के आवास समेत जम्मू के तीन और कठुआ के छह जगहों पर छापेमारी चल रही है।
विज्ञापन
मालूम हो कि चौधरी लाल सिंह द्वारा चलाए जा रहे ट्रस्ट द्वारा भूमि कब्जाने और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए सीबीआई ने 25 जून को एक प्रारंभिक जांच (प्रीलिमिनरी इंक्वायरी) दर्ज की थी। लाल सिंह ने कठुआ के रसाना की आठ वर्षीय मासूम के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के बाद भाजपा छोड़ दी थी।
विज्ञापन
वन भूमि की बिक्री और खरीद की अनुमति देने में कठुआ जिला के राजस्व और वन अधिकारियों द्वारा अवैध संतुष्टि और अवैध विचार के आरोपों की जांच के लिए कठुआ के आर बी एजुकेशन ट्रस्ट और अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ पीई दर्ज की गई है।
पीई के अनुसार, यह आरोप लगाया गया है कि इस तरह के झूठे प्रमाण पत्र जो कि जेके एग्रेरियन रिफॉर्म्स एक्ट के तहत छूट वाली श्रेणी में आते हैं, शैक्षिक ट्रस्ट द्वारा इसकी खरीद में इस्तेमाल किए गए थे।
प्रारंभिक जांच में कहा गया है कि इस तरह के कथित गैरकानूनी कामों का एक लाभार्थी ट्रस्ट, जम्मू और कश्मीर कृषि सुधार अधिनियम, 1976 के तहत निर्धारित सीमा के व्यापक उल्लंघन में जमीन के बड़े हिस्से के कब्जे में है।