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नगर निगम हॉल में विदाई पार्टी, राशन न बंटने पर मेयर को घेरा
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जम्मू। नगर निगम हॉल में गुपचुप तरीके से विदाई पार्टी करने की क्या मजबूरी थी। मेयर चंद्र मोहन गुप्ता स्थिति को स्पष्ट करें। एक ओर सामाजिक दूरी के पाठ पढ़ाए जा रहे हैं, वहीं सरेआम नगर निगम में पार्टी हो रही है। यह कहां तक सही है। यह आरोप वार्ड नंबर 28 के पार्षद गौरव चोपड़ा ने प्रेस वार्ता में लगाए। उन्होंने कहा कि नगर निगम में अफसरशाही हावी है।
उन्होंने कहा कि रात के अंधेरे में पार्टियां हो रही है। इस पर अधिकारी और नगर निगम के मेयर क्यों खामोश हैं। गौरव चोपड़ा ने कहा कि एक तरफ गरीब लोगों को राशन निशुल्क मुहैया करवाने की डींगें हाकी जा रही है। वहीं, सच्चाई यह है कि गरीबों को कोई पूछ ही नहीं रहा है। दस अप्रैल को सूची देने के बाद भी अभी तक राशन वार्ड में नहीं मिल पाया है। यह शर्म की बात है। इस पर नगर निगम के मेयर को इस्तीफा दे देना चाहिए।
नगर निगम के दायरे में गरीब लोगों के पास पैसे नहीं हैं। उन्हें कोई पूछ तक नहीं रहा है। पार्षद कुछ कर रहे, तो उनकी सुनी नहीं जा रही है। पांच-पांच एक्सईएन का तबादला गुपचुप तरीके से हो गया। अपने चहेतों को तैनाती दे दी गई। पार्षदों से बात को छुपाया गया। गौरव चोपड़ा ने कहा कि चुनाव जीते पार्षदों ने नियम तोड़े। एफआइआर दर्ज हुई। लेकिन उन पर नगर निगम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। भाजपा पार्षद होने के चलते उन्हें मेयर की ओर से बचाया गया और मामले को शांत करवाया गया। मेटाडोर, दुकानों में काम करने वाले लोगों की प्रति माह आय छह से सात हजार है। वर्तमान में बाजार बंद हैं। यातायात बंद है। लेकिन इन लोगों को कोई पूछ तक नहीं रहा है।
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उन्होंने कहा कि रात के अंधेरे में पार्टियां हो रही है। इस पर अधिकारी और नगर निगम के मेयर क्यों खामोश हैं। गौरव चोपड़ा ने कहा कि एक तरफ गरीब लोगों को राशन निशुल्क मुहैया करवाने की डींगें हाकी जा रही है। वहीं, सच्चाई यह है कि गरीबों को कोई पूछ ही नहीं रहा है। दस अप्रैल को सूची देने के बाद भी अभी तक राशन वार्ड में नहीं मिल पाया है। यह शर्म की बात है। इस पर नगर निगम के मेयर को इस्तीफा दे देना चाहिए।
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नगर निगम के दायरे में गरीब लोगों के पास पैसे नहीं हैं। उन्हें कोई पूछ तक नहीं रहा है। पार्षद कुछ कर रहे, तो उनकी सुनी नहीं जा रही है। पांच-पांच एक्सईएन का तबादला गुपचुप तरीके से हो गया। अपने चहेतों को तैनाती दे दी गई। पार्षदों से बात को छुपाया गया। गौरव चोपड़ा ने कहा कि चुनाव जीते पार्षदों ने नियम तोड़े। एफआइआर दर्ज हुई। लेकिन उन पर नगर निगम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। भाजपा पार्षद होने के चलते उन्हें मेयर की ओर से बचाया गया और मामले को शांत करवाया गया। मेटाडोर, दुकानों में काम करने वाले लोगों की प्रति माह आय छह से सात हजार है। वर्तमान में बाजार बंद हैं। यातायात बंद है। लेकिन इन लोगों को कोई पूछ तक नहीं रहा है।
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