जम्मू कश्मीर में सरकार गठन पर जमी बर्फ हटने की उम्मीद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के चालीसवें के बाद रियासत में नई सरकार के गठन पर जमी बर्फ पिघल सकती है। इस सिलसिले में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राममाधव अगले सप्ताह पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती से मिल सकते हैं।
मुफ्ती के निधन के बाद दोनों दलों के बीच उत्पन्न गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में यह मुलाकात महत्वपूर्ण हो सकती है। राममाधव ने भाजपा और पीडीपी के बीच गठबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
इस बीच प्रदेश के भाजपा के नेता केंद्रीय नेताओं से मिलने के लिए मंगलवार की शाम दिल्ली पहुंच गए हैं। माना जा रहा है कि सरकार गठन की दिशा में पार्टी नेताओं से बातचीत हो सकती है।
शर्तों की वजह से रियासत में सरकार गठन का मामला अटका
मुफ्ती के निधन के एक महीने बाद भी नई सरकार के गठन की तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती की सरकार गठन के लिए कुछ शर्तों की वजह से रियासत में सरकार गठन का मामला अटका हुआ है।
महबूबा ने सरकार गठन से पहले केंद्र सरकार से विश्वास बहाली के कुछ कदम उठाने की शर्त रखी है। इसके साथ ही एजेंडा आफ अलायंस पर भी ठोस आश्वासन चाहती हैं।
हालांकि, कोर कमेटी की पहली बैठक में गठबंधन पर विश्वास जताते हुए पीडीपी ने कहा था कि एजेंडा आफ अलायंस की दिशा में काफी काम आगे बढ़ा है। इसके बाद पीडीपी के तेवर बदलते गए और शर्तें थोपी जाने लगीं। हालांकि, भाजपा पीडीपी की ओर से कदम बढ़ाने को लेकर आश्वस्त है।
भाजपा नेता दिल्ली पहुंचे
उधर, भाजपा के प्रदेश प्रमुख सत शर्मा और पूर्व डिप्टी सीएम डा. निर्मल सिंह मंगलवार की शाम दिल्ली पहुंचे। सूत्रों का कहना है कि उनकी मुलाकात केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी तथा केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती से होनी है।
दो फरवरी को भाजपा नेताओं ने राज्यपाल से मिलकर सरकार गठन के संबंध में 10 दिन का समय मांगा था। माना जा रहा है कि केंद्रीय नेताओं से मुलाकात के दौरान वे रियासत में नई सरकार के गठन पर चर्चा करेंगे।
हालांकि, भाजपा की ओर से दावा किया जा रहा है कि सरकार गठन पर चर्चा के लिए नेताओं की दिल्ली यात्रा नहीं है बल्कि वे कुछ प्रोजेक्ट्स पर चर्चा के लिए दिल्ली गए हैं।