लापरवाह मंत्रियों को एक महीने की मोहलत
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भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तथा रियासत में गठबंधन सरकार के सूत्रधार राम माधव ने बुधवार को रियासत की सरकार के कामकाज की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने लापरवाह मंत्रियों को एक महीने की मोहलत दी।
साफ शब्दों में कहा कि यदि वे इस अवधि में कार्य व्यवहार में सुधार नहीं ला पाए तो मंत्री पद भी छिन सकता है। किसी भी वक्त उन्हें पद से हटाया जा सकता है। कहा कि एक महीने बाद वे दोबारा समीक्षा करेंगे। इसमें मंत्रियों का कार्य संतोषजनक मिलना चाहिए।
साढ़े छह महीने की गठबंधन सरकार की दूसरी बार समीक्षा करने आए राम माधव ने गेस्ट हाउस में भाजपा मंत्रियों को कार्य व्यवहार में सुधार लाने, आम कार्यकर्ताओं तथा जनता की सेवा करने की घुट्टी पिलाई।
विवादित मुद्दों का हल निकालेगा गठबंधन
विधायकों तथा कोर ग्रुप के सदस्यों के साथअलग-अलग बैठक कर उन्होंने सरकार और मंत्रियों के कामकाज का फीडबैक लिया। सूत्रों ने बताया कि उन्होंने मंत्रियों से छह महीने की उपलब्धियों का फीडबैक भी लिया।
विवादित मुद्दों बीफ बैन, वैष्णो देवी चापर सेवा पर सर्विस टैक्स तथा लेह चुनाव में गठबंधन टूटने के मुद्दे पर पार्टी का पक्ष जोरदार तरीके से न रखने पर नाराजगी भी जताई। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार सीएमपी के आधार पर चले।
इसके लिए पार्टी को किसी प्रकार का समझौता नहीं करना है। सीएमपी का पूरी दृढ़ता के साथ पालन होना चाहिए। भाजपा महासचिव संघ कार्यालय भी गए। वहां भी उन्होंने रियासत में भाजपा की सरकार की कार्यप्रणाली की चर्चा की।
राम माधव गठबंधन सरकार के बीफ बैन तथा अन्य विवादित मुद्दों पर कुछ बोलने से कतरा गए। सरकार बेहतर तरीके से चले और सीएमपी के आधार पर चले, इस पर विचार करने के लिए आए हैं।
गठबंधन सभी विवादित मुद्दों का हल निकालने का प्रयास करेगा। बीफ बैन सहित अन्य मुद्दों पर यहां के स्थानीय नेता बोलेंगे। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि लेह चुनाव को लेकर गठबंधन में किसी प्रकार की दरार नहीं है।