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फर्जी प्रमाणपत्र: जम्मू कश्मीर में राजपूत होकर एससी प्रमाणपत्र पर जीता चुनाव, महिला सरपंच बर्खास्त
Thu, 14 Apr 2022 03:56 AM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नौशेरा
अमर उजाला नेटवर्क, नौशेरा
Published by: विमल शर्मा
Updated Thu, 14 Apr 2022 03:56 AM IST
सार
राजोरी जिले के भजनोवा से नवंबर 2020 में सरपंच बनी थीं संतोष कुमारी। छह वर्ष तक चुनाव में हिस्सा लेने पर भी लगा प्रतिबंध। शिकायत के बाद जांच में हुआ खुलासा।
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पंचायत चुनाव जम्मू कश्मीर
- फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक्स
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विस्तार
जाति से राजपूत होकर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट से चुनाव जीतने वाली महिला सरपंच को बर्खास्त कर दिया गया है। पंचायती राज अधिनियम के प्रावधानों के तहत राजोरी के भजनोवा की रहने वाली संतोष कुमारी अब छह वर्ष के लिए चुनाव नहीं लड़ पाएंगी।
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उनका अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया है, जिसे रद्द कर सरपंच पद से भी उन्हें अयोग्य घोषित किया गया है। संतोष कुमारी को नौशेरा के तत्कालीन तहसीलदार ने 28 सितंबर 1979 को अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र जारी किया था।
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इसी प्रमाणपत्र के आधार पर संतोष कुमारी ने अनुसूचित जाति उम्मीदवार के तौर पर नवंबर 2020 में चुनाव जीता। एक शिकायत में आरोप लगाया गया कि संतोष कुमारी ने सवर्ण होने के बावजूद अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र हासिल किया है।
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जब इसकी जांच की गई तो उसमें पाया गया कि संतोष कुमारी के पिता वशिष्ठ राजपूत बिरादरी से संबंध रखते थे। राजोरी के अतिरिक्त उपायुक्त की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि जांच में संतोष कुमारी का अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया है।
उनके पिता वशिष्ठ राजपूत समाज से थे। अतिरिक्त उपायुक्त ने पंचायती राज अधिनियम के अपीलीय प्राधिकारी के तौर पर संतोष कुमारी का अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र रद्द कर दिया। इसके साथ ही उन्हें सरपंच पद से भी अयोग्य घोषित कर दिया गया। पंचायती राज अधिनियम के तहत संतोष कुमारी अब छह वर्ष तक चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकेंगी।