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Rajnath Singh:राजनाथ की लेह से चीन को चेतावनी, कहा- स्वाभिमान को चोट पहुंचाने वालों को मिलेगा मुंहतोड़ जवाब

Fri, 17 Jul 2020 03:55 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 17 Jul 2020 03:55 PM IST
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Rajnath Singh Ladakh News, Rajnath Singh Defence Minister, Bipin Rawat and Army Chief General MM Naravane in Leh ladakh
लद्दाख पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : ANI

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे के पहले दिन लेह पहुंचे हैं। राजनाथ ने यहां जवानों को संबोधित करते हुए उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि गलवां घाटी में जवानों ने देशवासियों के सम्मान की सुरक्षा की। 

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जवानों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वाभिमान सबसे ऊपर है और इसलिए इससे समझौता नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वाभिमान ने ही देश को आजादी दिलाई है। 
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राजनाथ ने कहा कि सीमा विवाद को सुलझाने के लिए दोनों ही पक्षों के बीच बातचीत जारी है। मैं आपको आश्वासन दिलाना चाहता हूं कि भारत की एक इंच जमीन को भी दुनिया की कोई ताकत नहीं छू सकती है। उन्होंने कहा कि भारत ने कभी किसी की जमीन पर कब्जा नहीं किया है। हम क्षेत्र में अशांति नहीं, बल्कि शांति चाहते हैं।
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रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर किसी ने भारत के स्वाभिमान पर चोट पहुंचाई तो उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। उन्होंने जवानों से कहा कि मुझे और देश को आप सब पर पूरा भरोसा है। हमें जवानों की शहादत पर दुख है। 

उन्होंने कहा कि जवानों की शहादत को हिंदुस्तान नहीं भूलेगा, आज तक भारत ने किसी की एक इंच जमीन पर कब्जा नहीं किया। उन्होंने कहा कि एलएसी विवाद का हल निकालना चाहिए। विवाद कहां तक होगा कह नहीं सकते। विवाद सुलझाने के लिए बातचीत चल रही है।



बता दें कि, यहां पांच घंटे बिताने के बाद सिंह कश्मीर लौट आएंगे। रक्षा मंत्री को स्टाकना व्यू प्वाइंट पर वायुसेना और थल सेना का दमखम भी दिखाया गया। इसमें पैरा ड्रॉपिंग समेत सेना के पैरा कमांडोज की ऑपरेशनल तैयारियां दिखाई गईं। जिसमें कॉम्बेट एयर पेट्रोल, अटैक हेलिकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट हेलिकॉप्टर शामिल थे। 

चीन की चालबाजी को देखते हुए भारत हर मोर्चे पर तैयार है। लद्दाख में रक्षा मंत्री को दिखाया गया कि पैरा कमांडोज किस तरह से पलक झपकते ही दुश्मन को तबाह कर देंगे। सिंह का यह दौरा उस वक्त है जब दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए सैन्य स्तर की बातचीत जारी है। 

राजनाथ सिंह ने लद्दाख में जवानों की हौसला अफजाई करते हुए न सिर्फ उनका हालचाल पूछा बल्कि उन्हें अपने हाथों से मिठाई भी खिलाई। इस दौरान सिंह ने एलएसी विवाद और भारत की नीति को लेकर कई अहम बातें कहीं।

एलएसी को लेकर भारत अपने रुख पर कायम : विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद को लेकर भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं है। हम नियंत्रण रेखा का पूरी तरह सम्मान करते हैं और एलएसी पर यथास्थिति में कोई बदलाव मंजूर नहीं होगा।

दोनों पक्ष इस पर सहमत हैं कि पहले से बनी चौकियों पर सैनिकों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्वी लद्दाख में तनाव समाप्त करने के लिए सेनाओं को पीछे हटाने की प्रक्रिया जारी है। यह जटिल प्रक्रिया है और इस मामले में तथ्यहीन खबरों से बचना चाहिए।  

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घाटी में सुरक्षा हालात और एलओसी पर ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा करेंगे

राजनाथ सिंह शनिवार को बाबा बर्फानी के दर्शन करने के साथ ही उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू और सैन्य कमांडरों के साथ उच्च स्तरीय बैठक में सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा भी करेंगे। रक्षा मंत्री के साथ सेना अध्यक्ष जनरल मनोज मुकुंद नरवणे भी पहुंचे हैं।

भारत-चीन में उत्पन्न तनाव को कम करने की पहल के बीच सैन्य कमांडरों की ओर से उन्हें पीएलए की ओर से पीछे हटने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस दौरान 14 कोर फायर एंड फ्यूरी के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह की ओर से भारत-चीन के बीच सैन्य कमांडर स्तर की हुई बातचीत का ब्योरा भी दिया जाएगा। लेह में वे करीब पांच घंटे बिताएंगे। इसके बाद श्रीनगर के लिए रवाना हो जाएंगे। 

यहां उच्च स्तरीय बैठक में वे घाटी में सुरक्षा हालात और एलओसी पर ऑपरेशनल तैयारियों की समीक्षा करेंगे। इस दौरान 15 कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बीएस राजू के साथ-साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। शाम को वह उपराज्यपाल के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर प्रदेश में सुरक्षा हालात तथा अन्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे। अगले दिन 18 जुलाई को वे एलओसी के फारवर्ड इलाके का दौरा करेंगे। 

इस दौरान उन्हें पाकिस्तान की ओर से लगातार सीजफायर का उल्लंघन, घुसपैठ की कोशिशों को नाकाम करने के लिए की गई तैयारियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। वे जवानों और अधिकारियों से मुलाकात कर उनका हौसला भी बढ़ाएंगे।

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