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बारिश से कई क्षेत्रों में जल भराव, कई घरों में घुसा पानी
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घगवाल के राजपुरा मे पानी की निकासी नही होने पर पुलिस को तोडते जिला प्रशासन
- फोटो : SAMBA
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सांबा/ घगवाल। बरसात की पहली बारिश से कई क्षेत्रों में जल भराव की स्थिति बनी रही। कई घरों में पानी घुसने का समाचार भी है। बुधवार सुबह हुई मूसलाधार बारिश से सांबा-सुंब मार्ग पर बहने वाले नालों में बाढ़ की स्थिति बनी रही। लोगों को आने जाने की परेशानी का सामना करना पड़ा।
लोग नालों में आई बाढ़ के पानी के कम होने का इंतजार करने लगे। उधर घगवाल के राजपुरा में एक पुली से पानी की निकासी नहीं होने पर पानी लोगों के घरों में घुसा। स्थानीय निवासी तरसेम लाल, भोला नाथ, सोहन लाल, राकेश कुमार आदि ने बताया कि आज हुई बारिश से पानी उनके घरों में घुस गया। इससे पहले कई बार उन्होंने स्थानीय नुमाइंदों को अवगत कराया, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। आज जब पानी उनके घरों में घुसा तो जिला प्रशासन ने पुलिस की मदद से पुली को तोड़ कर पानी की निकासी की। भारी बारिश से पानी अधिक होने पर पानी लोगों के घरों में घुस गया। इस अवसर पर तहसीलदार ओपी भगत, बीडीसी अध्यक्ष राधा कृष्ण व अन्य लोगों की मौजूदगी में पुली को तोड़ा कर पानी की पानी की निकासी की गई। उधर जिन परिवारों ने पुलिया बनाई थी उनका आरोप था कि उन्हें जानबूझ कर तंग किया जा रहा है।
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हमने इस बारे में उपायुक्त अनुराधा गुप्ता, एसडीएम घगवाल को भी लोगों की समस्या से अवगत कराया था। आज जब लोगों के घरों में पानी घुसा तो प्रशासन हरकत में आया व अवैध बनाई गई पुलिया को तोड़ा गया।
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-आशा रानी, डीडीसी सदस्य
बारिश से किसानों को मिली राहत
आरएस पुरा। कई दिन से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों बुधवार को राहत मिली। वहीं किसानों के चेहरे पर चमक दिखने लगी। मौजूदा समय में धान की फसल को सिंचाई की सख्त जरूरत थी। बुधवार सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश के साथ दिनभर ठंडी हवा चलने के साथ पूरा दिन सुहावना। क्षेत्र में कई जगहों पर जलभराव हो गया।
आरएस पुरा व मीरां साहिब कस्बे सहित कई गांव में जलभराव के चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण उफनाई नालियां नगर पालिका की सफाई व्यवस्था की हकीकत बयान करती नजर आई। दूसरी और लंबे अरसे से बारिश न होने से बढ़ रही उमस लोगों को परेशान कर रही थी। किसान भी परेशान थे, लेकिन इस बारिश से अब धान की फसल के साथ-साथ अन्य फसलों को भी पानी मिलने से किसानों को भी काफी हद तक राहत मिली। किसान धर्मपाल का कहना है कि इस समय पानी की आपूर्ति न होने पर खेतों में लगाई धान सूख रही थी, जिससे धान खराब हो रही थी। उन्होंने कहा कि इस बारिश से किसानों को काफी हद तक राहत मिली है। इससे धान की फसल बेहतर गुणवत्ता के साथ होने की संभावना है।
किसान रतन लाल का कहना है कि इस बार आरएस पुरा में काफी कम बारिश होने पर किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। बुधवार सुबह से हो रही बारिश से किसानों को काफी हद तक राहत मिली है। मौसम विभाग की ओर से आनेवाले दिनों में बारिश होने की संभावना जाहिर की गई है, जिससे आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव होने पर लोगों को पड़ रही उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है।
बारिश से क्षेत्र के कई गांव जलमग्न
अखनूर। सीमावर्ती क्षेत्र में बुधवार सुबह भारी बारिश हुई। क्षेत्र के कई गांव जलमग्न हो गए। नालों में भी पानी आ गया। कई सड़कों पर वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए बंद भी रही।
क्षेत्र के गांव मैरा मेंदरिया, नरडी, सुंगल ,चौकी चौरा, पंजग्राई सहित अन्य क्षेत्र में भारी बारिश हुईं, हालांकि मैदानी क्षेत्रों में बारिश कम हुई। गर्मी से भी लोगों को राहत मिली। पहाड़ों पर बारिश से चिनाब दरिया का जलस्तर बढ़ने लगा। मूसलाधार बारिश से कामेश्वर मंदिर के पास मेन रोड पर भी पानी एकत्रित होने पर छोटे वाहनों को आवाजाही में दिक्कतों का समाना करना पड़ा। बाजारों में बारिश के चलते लोगों की आवाजाही कम रही। संवाद
परगवाल में झमाझम बारिश से खेत खलिहान जलमग्न
परगवाल। करीब एक माह से अच्छी बारिश की आस लगाए बैठे किसानों के लिए बुधवार का दिन काफी राहत भरा रहा। यहां सुबह हुई झमाझम बारिश से खेत खलिहान लबालब भर गए। हालांकि बाद में पूरे दिन मूसलाधार बारिश जारी रही। इससे लोगों को काफी परेशानियां उठाना पड़ीं।
हालांकि शाम को बारिश रुक गई, जिसके बाद किसानों ने खेत में पहुंच कर धान की फसल का मुआयना किया और खुशी जताई। क्योंकि अच्छी बारिश धान की फसल के लिए उपयुक्त मानी जाती है। स्थानीय किसान सुरिंद्र सिंह का कहना था कि वह उनके कुछ खेत बारिश के पानी पर निर्भर है। इसलिए वह काफी समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे। वहीं हुई बारिश से वह काफी खुश हैं। दूसरी तरफ मक्की की फसल के लिए भी इस बारिश को वरदान माना जा रहा है। क्योंकि बारिश नहीं होने से फसल को कीट लग रहे थे, जिससे किसान चिंतित थे।
तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
विजयपुर। क्षेत्र में हुई तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश बहुत तेज होने के कारण पानी शिवनगर के लोगों के घरों में भी घुस गया। कुछ लोगों को इस पानी से परेशानी का सामना भी करना पड़ा। बारिश से मौसम ने भी करवट बदली और उमस से रहत मिली। बारिश से किसान वर्ग भी काफी खुश नजर आ रहा है। संवाद
क्षेत्र में बारिश होने पर किसानों ने ली राहत की सांस
ज्यौड़ियां। लगभग एक माह से बारिश नहीं होने से क्षेत्र में किसानों की तरफ से बीजी गई धान, बाजरे, मक्की तथा दाल की फसल सूखने की कगार पर थी। किसानों को सिंचाई करने में काफी दिक्कतें आ रही थीं। क्योंकि न ही नहरों में पानी है, और न ही पर्याप्त बिजली आ रही थी। बुधवार को क्षेत्र में बारिश होने से किसानों ने राहत की सांस ली है।
किसानों का कहना है कि धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच चुकी थी, उनकी मेहनत बच गई है। गांव मट्टू के किसान पूर्व सरपंच राकेश सिंह चौधरी ने बताया कि बारिश नहीं होने से धान की फसल के पौधे की लंबाई बढ़ना भी रुक गई थी। फसल का रंग भी पीला पड़ना शुरू हो गया था, लेकिन सुबह से जारी बारिश से अब फसल फिर से ठीक हो जाएगी। वहीं किसान रमेश सिंह चौधरी ने बताया कि अभी पर्याप्त बारिश तो नहीं हुई, लेकिन फिर भी ठीक है। जो फसल सूख रही थी अब वह बच जाएगी।
कंडी क्षेत्र के गांव करीब के किसान पूर्व नायब सरपंच शाम लाल शर्मा ने बताया कि बाजरे, मक्की, दालों तथा तिल की फसल भी बारिश नहीं होने से सूख रही थी। हमने फसल की आस छोड़ दी थी। सुबह से जारी बारिश से हमारी आस जग गई है।
मक्की बाजरा और तिलहन के लिए संजीवनी बूटी बनी बारिश
बाड़ी ब्राह्मणा। बुधवार सुबह से हो रही बारिश कहीं पर राहत और कहीं पर आफत लेकर आई है। कंडी क्षेत्र में यह बारिश संजीवनी बूटी के समान है। क्योंकि मक्की बाजरा और तिलहन की फसल लगे कम से कम दो माह हो गए थे, अभी तक ऐसी बारिश नहीं हुई थी जो इन फसलों को पूरी तरह से तृप्त कर सके।
बुधवार को हुई बारिश ने इन तीनों फसलों को कंडी क्षेत्र में भरपूर फायदा दिलाया है। क्योंकि तकरीबन एक माह तक इन फसलों की कटाई होना शुरू हो जाएगी। अगर यह बारिश समय पर न होती तो यह फसल इस बार भी बारिश न होने के कारण नहीं हो पाती। हालांकि इस बार इसका चारों और फायदा ही फायदा किसानों को मिल रहा है। कंडी क्षेत्र में लोग अपनी फसल को लेकर इस बारिश को काफी महत्वपूर्ण बता रहे हैं। इस समय फसलें सूखने की कगार पर थी। यह बारिश संजीवनी बूटी से फसलों के लिए कम नहीं है। कंडी क्षेत्र में मुख्य फसलें तीन ही उगाई जाती हैं जो मक्की बाजरा और तिलहन इन दिनों में उगता है। इस बारिश से इन फसलों की पैदावार काफी होगी जिससे कंडी क्षेत्र के किसानों के चेहरे पर काफी खुशी झलक रही है।
सीजन की पहली अच्छी बारिश से किसानों खुश
रामगढ़। रामगढ़ क्षेत्र में बुधवार सुबह हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। लोगों को गर्मी से राहत मिली। बारिश दो घंटे हुई। बारिश से खेतों में पानी जमा हो गया है। क्षेत्र में ज्यादा तर किसान धान की खेती को पानी नहीं लग रहा था।
किसान बहादुर सिंह, मोहन सिंह, सुखदेव सिंह, बचन लाल, जोगींदर सिंह ने कहा कि इस बार क्षेत्र के किसानों को बहुत नुकसान हो रहा है। क्षेत्र में इस बार जैसी बारिश की जरूरत थी, उस तरह से बारिश नहीं हुई है। कुछ किसानों की धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। क्योंकि धान की फसल को अच्छी तरह से पानी न मिलने से धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। तो वहीं किसानों का कहना है कि अगर हमारे क्षेत्र में नहरों का पानी आता तो हमारी धान की फसल अच्छी हो सकती थी। हमारे क्षेत्र में इस सीजन में पहली बार अच्छी बारिश हुई हैं जिससे हमारे क्षेत्र के किसानों को काफी राहत मिली है।
बूंदाबांदी से लोगों को उमस से मिला छुटकारा
अरनिया। बुधवार को पूरे दिन बूंदाबांदी होने से लोगों को उमस से छुटकारा मिला। किसानों को भी राहत मिली। सुबह करीब सवा नौ बजे क्षेत्र में बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे तापमान में गिरावट आते ही लोगों को उमस से छुटकारा मिलना शुरू हो गया। सूखे की कगार पर पहुंच चुकी बासमती को भी लाभ पहुंचा। किसानों के अनुसार भले ही जोर की बारिश न गिरी हो, मगर सारा दिन बूंदाबांदी जारी रहने से काफी राहत मिली। संवाद
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लोग नालों में आई बाढ़ के पानी के कम होने का इंतजार करने लगे। उधर घगवाल के राजपुरा में एक पुली से पानी की निकासी नहीं होने पर पानी लोगों के घरों में घुसा। स्थानीय निवासी तरसेम लाल, भोला नाथ, सोहन लाल, राकेश कुमार आदि ने बताया कि आज हुई बारिश से पानी उनके घरों में घुस गया। इससे पहले कई बार उन्होंने स्थानीय नुमाइंदों को अवगत कराया, लेकिन किसी ने उनकी नहीं सुनी। आज जब पानी उनके घरों में घुसा तो जिला प्रशासन ने पुलिस की मदद से पुली को तोड़ कर पानी की निकासी की। भारी बारिश से पानी अधिक होने पर पानी लोगों के घरों में घुस गया। इस अवसर पर तहसीलदार ओपी भगत, बीडीसी अध्यक्ष राधा कृष्ण व अन्य लोगों की मौजूदगी में पुली को तोड़ा कर पानी की पानी की निकासी की गई। उधर जिन परिवारों ने पुलिया बनाई थी उनका आरोप था कि उन्हें जानबूझ कर तंग किया जा रहा है।
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हमने इस बारे में उपायुक्त अनुराधा गुप्ता, एसडीएम घगवाल को भी लोगों की समस्या से अवगत कराया था। आज जब लोगों के घरों में पानी घुसा तो प्रशासन हरकत में आया व अवैध बनाई गई पुलिया को तोड़ा गया।
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बारिश से किसानों को मिली राहत
आरएस पुरा। कई दिन से पड़ रही उमस भरी गर्मी से लोगों बुधवार को राहत मिली। वहीं किसानों के चेहरे पर चमक दिखने लगी। मौजूदा समय में धान की फसल को सिंचाई की सख्त जरूरत थी। बुधवार सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश के साथ दिनभर ठंडी हवा चलने के साथ पूरा दिन सुहावना। क्षेत्र में कई जगहों पर जलभराव हो गया।
आरएस पुरा व मीरां साहिब कस्बे सहित कई गांव में जलभराव के चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण उफनाई नालियां नगर पालिका की सफाई व्यवस्था की हकीकत बयान करती नजर आई। दूसरी और लंबे अरसे से बारिश न होने से बढ़ रही उमस लोगों को परेशान कर रही थी। किसान भी परेशान थे, लेकिन इस बारिश से अब धान की फसल के साथ-साथ अन्य फसलों को भी पानी मिलने से किसानों को भी काफी हद तक राहत मिली। किसान धर्मपाल का कहना है कि इस समय पानी की आपूर्ति न होने पर खेतों में लगाई धान सूख रही थी, जिससे धान खराब हो रही थी। उन्होंने कहा कि इस बारिश से किसानों को काफी हद तक राहत मिली है। इससे धान की फसल बेहतर गुणवत्ता के साथ होने की संभावना है।
किसान रतन लाल का कहना है कि इस बार आरएस पुरा में काफी कम बारिश होने पर किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। बुधवार सुबह से हो रही बारिश से किसानों को काफी हद तक राहत मिली है। मौसम विभाग की ओर से आनेवाले दिनों में बारिश होने की संभावना जाहिर की गई है, जिससे आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव होने पर लोगों को पड़ रही उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है।
बारिश से क्षेत्र के कई गांव जलमग्न
अखनूर। सीमावर्ती क्षेत्र में बुधवार सुबह भारी बारिश हुई। क्षेत्र के कई गांव जलमग्न हो गए। नालों में भी पानी आ गया। कई सड़कों पर वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए बंद भी रही।
क्षेत्र के गांव मैरा मेंदरिया, नरडी, सुंगल ,चौकी चौरा, पंजग्राई सहित अन्य क्षेत्र में भारी बारिश हुईं, हालांकि मैदानी क्षेत्रों में बारिश कम हुई। गर्मी से भी लोगों को राहत मिली। पहाड़ों पर बारिश से चिनाब दरिया का जलस्तर बढ़ने लगा। मूसलाधार बारिश से कामेश्वर मंदिर के पास मेन रोड पर भी पानी एकत्रित होने पर छोटे वाहनों को आवाजाही में दिक्कतों का समाना करना पड़ा। बाजारों में बारिश के चलते लोगों की आवाजाही कम रही। संवाद
परगवाल में झमाझम बारिश से खेत खलिहान जलमग्न
परगवाल। करीब एक माह से अच्छी बारिश की आस लगाए बैठे किसानों के लिए बुधवार का दिन काफी राहत भरा रहा। यहां सुबह हुई झमाझम बारिश से खेत खलिहान लबालब भर गए। हालांकि बाद में पूरे दिन मूसलाधार बारिश जारी रही। इससे लोगों को काफी परेशानियां उठाना पड़ीं।
हालांकि शाम को बारिश रुक गई, जिसके बाद किसानों ने खेत में पहुंच कर धान की फसल का मुआयना किया और खुशी जताई। क्योंकि अच्छी बारिश धान की फसल के लिए उपयुक्त मानी जाती है। स्थानीय किसान सुरिंद्र सिंह का कहना था कि वह उनके कुछ खेत बारिश के पानी पर निर्भर है। इसलिए वह काफी समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे थे। वहीं हुई बारिश से वह काफी खुश हैं। दूसरी तरफ मक्की की फसल के लिए भी इस बारिश को वरदान माना जा रहा है। क्योंकि बारिश नहीं होने से फसल को कीट लग रहे थे, जिससे किसान चिंतित थे।
तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
विजयपुर। क्षेत्र में हुई तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश बहुत तेज होने के कारण पानी शिवनगर के लोगों के घरों में भी घुस गया। कुछ लोगों को इस पानी से परेशानी का सामना भी करना पड़ा। बारिश से मौसम ने भी करवट बदली और उमस से रहत मिली। बारिश से किसान वर्ग भी काफी खुश नजर आ रहा है। संवाद
क्षेत्र में बारिश होने पर किसानों ने ली राहत की सांस
ज्यौड़ियां। लगभग एक माह से बारिश नहीं होने से क्षेत्र में किसानों की तरफ से बीजी गई धान, बाजरे, मक्की तथा दाल की फसल सूखने की कगार पर थी। किसानों को सिंचाई करने में काफी दिक्कतें आ रही थीं। क्योंकि न ही नहरों में पानी है, और न ही पर्याप्त बिजली आ रही थी। बुधवार को क्षेत्र में बारिश होने से किसानों ने राहत की सांस ली है।
किसानों का कहना है कि धान की फसल सूखने की कगार पर पहुंच चुकी थी, उनकी मेहनत बच गई है। गांव मट्टू के किसान पूर्व सरपंच राकेश सिंह चौधरी ने बताया कि बारिश नहीं होने से धान की फसल के पौधे की लंबाई बढ़ना भी रुक गई थी। फसल का रंग भी पीला पड़ना शुरू हो गया था, लेकिन सुबह से जारी बारिश से अब फसल फिर से ठीक हो जाएगी। वहीं किसान रमेश सिंह चौधरी ने बताया कि अभी पर्याप्त बारिश तो नहीं हुई, लेकिन फिर भी ठीक है। जो फसल सूख रही थी अब वह बच जाएगी।
कंडी क्षेत्र के गांव करीब के किसान पूर्व नायब सरपंच शाम लाल शर्मा ने बताया कि बाजरे, मक्की, दालों तथा तिल की फसल भी बारिश नहीं होने से सूख रही थी। हमने फसल की आस छोड़ दी थी। सुबह से जारी बारिश से हमारी आस जग गई है।
मक्की बाजरा और तिलहन के लिए संजीवनी बूटी बनी बारिश
बाड़ी ब्राह्मणा। बुधवार सुबह से हो रही बारिश कहीं पर राहत और कहीं पर आफत लेकर आई है। कंडी क्षेत्र में यह बारिश संजीवनी बूटी के समान है। क्योंकि मक्की बाजरा और तिलहन की फसल लगे कम से कम दो माह हो गए थे, अभी तक ऐसी बारिश नहीं हुई थी जो इन फसलों को पूरी तरह से तृप्त कर सके।
बुधवार को हुई बारिश ने इन तीनों फसलों को कंडी क्षेत्र में भरपूर फायदा दिलाया है। क्योंकि तकरीबन एक माह तक इन फसलों की कटाई होना शुरू हो जाएगी। अगर यह बारिश समय पर न होती तो यह फसल इस बार भी बारिश न होने के कारण नहीं हो पाती। हालांकि इस बार इसका चारों और फायदा ही फायदा किसानों को मिल रहा है। कंडी क्षेत्र में लोग अपनी फसल को लेकर इस बारिश को काफी महत्वपूर्ण बता रहे हैं। इस समय फसलें सूखने की कगार पर थी। यह बारिश संजीवनी बूटी से फसलों के लिए कम नहीं है। कंडी क्षेत्र में मुख्य फसलें तीन ही उगाई जाती हैं जो मक्की बाजरा और तिलहन इन दिनों में उगता है। इस बारिश से इन फसलों की पैदावार काफी होगी जिससे कंडी क्षेत्र के किसानों के चेहरे पर काफी खुशी झलक रही है।
सीजन की पहली अच्छी बारिश से किसानों खुश
रामगढ़। रामगढ़ क्षेत्र में बुधवार सुबह हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। लोगों को गर्मी से राहत मिली। बारिश दो घंटे हुई। बारिश से खेतों में पानी जमा हो गया है। क्षेत्र में ज्यादा तर किसान धान की खेती को पानी नहीं लग रहा था।
किसान बहादुर सिंह, मोहन सिंह, सुखदेव सिंह, बचन लाल, जोगींदर सिंह ने कहा कि इस बार क्षेत्र के किसानों को बहुत नुकसान हो रहा है। क्षेत्र में इस बार जैसी बारिश की जरूरत थी, उस तरह से बारिश नहीं हुई है। कुछ किसानों की धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। क्योंकि धान की फसल को अच्छी तरह से पानी न मिलने से धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। तो वहीं किसानों का कहना है कि अगर हमारे क्षेत्र में नहरों का पानी आता तो हमारी धान की फसल अच्छी हो सकती थी। हमारे क्षेत्र में इस सीजन में पहली बार अच्छी बारिश हुई हैं जिससे हमारे क्षेत्र के किसानों को काफी राहत मिली है।
बूंदाबांदी से लोगों को उमस से मिला छुटकारा
अरनिया। बुधवार को पूरे दिन बूंदाबांदी होने से लोगों को उमस से छुटकारा मिला। किसानों को भी राहत मिली। सुबह करीब सवा नौ बजे क्षेत्र में बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे तापमान में गिरावट आते ही लोगों को उमस से छुटकारा मिलना शुरू हो गया। सूखे की कगार पर पहुंच चुकी बासमती को भी लाभ पहुंचा। किसानों के अनुसार भले ही जोर की बारिश न गिरी हो, मगर सारा दिन बूंदाबांदी जारी रहने से काफी राहत मिली। संवाद