नावेद के मददगारों की तलाश में छापेमारी
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उधमपुर में बीएसएफ के काफिले पर हमले के दौरान जिंदा पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद नावेद याकूब के मददगारों की तलाश में नेशनल इन्वेस्टिगेशन टीम (एनआईए) की टीमें घाटी में छापामारी कर रही हैं।
एनआईए का मुख्य केंद्र बिंदु कुलगाम है। हालांकि लश्कर के जिन दो संदिग्धों की तलाश एनआईए को है, उसमें से एक भी उनके हाथ अभी नहीं लगा है।
एनआईए ने नावेद के मददगार फैयाज अहमद इट्टू उर्फ फैयाज वेल्डर और फैयाज अहमद अशवर उर्फ सेठा के फिर गैर जमानती वारंट हासिल करने के बाद अपनी टीमें कश्मीर घाटी में सक्रिय की हैं।
शाबजार सहित तीनों लश्कर ओजीडब्ल्यू के खिलाफ एनआईए ने 2-2 लाख रुपये का इनाम भी रखा है।
संपत्ति जब्त करने के लिए अदालत में आवेदन
शाबजार एनआईए की गिरफ्त में आ गया है, लेकिन अन्य दो लश्कर ओजीडब्ल्यू (ओवर ग्राउंड वर्कर) फैयाज वेल्डर और सेठा अभी भी एनआईए की पकड़ से बाहर हैं।
सूत्रों के अनुसार लश्कर के दोनों आतंकी पकड़ में न आए तो एनआईए उन्हें भगोड़ा करार देकर उनकी संपत्ति जब्त करने के लिए अदालत में आवेदन देने की तैयारी कर रही है, ताकि वह एनआईए के समक्ष आत्मसमर्पण कर दें।
पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद नावेद और मोमिन के जम्मू कश्मीर में प्रवेश करने के बाद फैयाज वेल्डर और सेठा ने मदद की थी। एनआईए को उम्मीद है कि इनकी गिरफ्तारी के बाद आतंकी हमले में और भी कई साक्ष्य हाथ लगेंगे।