थोड़ी देर में विपक्षी नेताओं समेत कश्मीर दौरे पर रवाना होंगे राहुल गांधी, प्रशासन ने कहा- मत आइए
- विपक्षी दलों के नेताओं का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को श्रीनगर में लोगों से मुलाकात करेगा
- प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस, माकपा, भाकपा, राजद, एनसीपी, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके के नेता होंगे शामिल
- शुक्रवार देर शाम को भी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं जम्मू-कश्मीर को लेकर बैठक कर चर्चा की
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सूत्रों के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस से गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, माकपा से सीताराम येचुरी, भाकपा के डी. राजा, डीएमके के टी सिवा, राजद के मनोज झा और तृणमूल से दिनेश त्रिवेदी शामिल होंगे। इनके साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के भी जाने की बात कही जा रही है। इस बीच शुक्रवार देर शाम वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने बैठक कर इस मुद्दे पर चर्चा की।
अनुच्छेद-370 खत्म करने के बाद सरकार ने किसी नेता को राज्य में आने की अनुमति नहीं दी है। पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत क्षेत्रीय दलों के नेता भी नजरबंद हैं। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद को दो बार श्रीनगर और जम्मू एयरपोर्ट से वापस लौटा दिया गया। डी राजा को भी श्रीनगर एयरपोर्ट से वापस भेज दिया गया था।
J&K: Delegation of Opposition leaders visiting SRINAGAR tomorrow are-Rahul Gandhi,GN Azad, Anand Sharma, KC Venugopal of Congress, D Raja of CPI, Sitaram Yechury of CPI(M), Tiruchi Siva of DMK, Manoj Jha of RJD, Dinesh Trivedi of TMC, Majeed Memon of NCP & Kupendra Reddy of JD(S) https://t.co/1qdkCy5Uqu
— ANI (@ANI) August 23, 2019
नेताओं को गड़बड़ी करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए : प्रशासन
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने देर रात बयान जारी कर कहा कि नेताओं से अपील है कि वे श्रीनगर न आएं क्योंकि इससे लोगों को असुविधा होगी। नेता दौरा करके उन प्रतिबंधों का उल्लंघन करेंगे जो अभी कई क्षेत्रों में लागू हैं। प्रशासन शांति, व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता देगी।ऐसे वक्त जब सरकार सीमापार आतंकवाद और आतंकियों तथा अलगाववादियों के हमले से राज्य के लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है और धीरे-धीरे अराजक तत्वों और उपद्रवियों पर काबू कर स्थिति नियंत्रण में ला रही है, नेताओं को सामान्य जनजीवन की बहाली में गड़बड़ी उत्पन्न करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
इन नेताओं को कश्मीर दौरे की नहीं मिली थी अनुमति
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने दो बार राज्य का दौरा करने की कोशिश की लेकिन उन्हें श्रीनगर और जम्मू एयरपोर्ट से ही वापस लौटा दिया गया। इससे पहले डी राजा को भी श्रीनगर एयरपोर्ट से वापस दिल्ली भेज दिया गया था। हाल ही में राहुल गांधी ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक से ट्वीट कर पूछा था कि वह राज्य में कब आ सकते हैं और बिना किसी पूर्व शर्त के वह लोगों से मुलाकात कर सकते हैं।कश्मीर प्रशासन की नेताओं को हिदायत
जम्मू-कश्मीर सरकार ने राजनीतिक पार्टी के नेताओं से घाटी का दौरा न करने की अपील करते हुए कहा है कि इससे धीरे-धीरे बहाल हो रही शांति तथा सामान्य हालत बाधित होगी। सरकार ने यह भी कहा है कि नेताओं का दौरा पाबंदियों का उल्लंघन होगा जो घाटी के कई इलाकों में लागू है।विपक्षी नेताओं के घाटी के दौरे की खबर के बाद देर रात प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ऐसे समय में जब सरकार सीमापार के आतंकवाद, आतंकी हमलों तथा अलगाववादियों के खतरे से लोगों को बचाने की कोशिश में जुटी है, अवांछनीय तत्वों तथा अफवाह फैलाने वालों पर काबू पाकर स्थिति को सामान्य बनाने में जुटी हुई तो वरिष्ठ नेताओं को तेजी से सुधर रहे हालात तथा सामान्य जनजीवन को बाधित करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
At a time when the government is trying to protect the people of Jammu & Kashmir from the threat of cross border terrorism and attacks by militants and separatists and gradually trying to restore public order by controlling miscreants and mischief mongers, (1/3)
— DIPR-J&K (@diprjk) August 23, 2019
नेताओं से अनुरोध है कि वे सहयोग करें और श्रीनगर का दौरा न करें क्योंकि ऐसा कर वे अन्य लोगों के लिए असुविधा पैदा करेंगे। वे पाबंदियों का भी उल्लंघन करेंगे। बयान में कहा गया है कि वरिष्ठ नेताओं को यह समझना चाहिए इस समय शांति बहाली तथा लोगों के जानी नुकसान को बचाना प्राथमिकता है।
They would also be violating restrictions that are still there in many areas. Senior leaders should understand that top priority would be given to maintaining peace, order and preventing loss of human lives.
— DIPR-J&K (@diprjk) August 23, 2019