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सुरक्षित स्थान पर पांच मरला प्लाट की मांग करना भूले क्षेत्र के लोग
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अरनिया। भले ही चार वर्ष से क्षेत्र की सीमा पर शांति बनी है। मगर पाकिस्तान का क्या भरोसा, कब गोलाबारी शुरू कर दे। इसके बावजूद क्षेत्र के किसी व्यक्ति, पंच या सरपंच ने इस गोलाबारी से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों पर पांच मरला प्लाट देने की मांग नहीं रखी। यहां तक कि गोलाबारी के दौरान सबसे अधिक प्रभावित रहने वाले अरनिया टाउन के लोग, पार्षद व चेयरमैन भी लोगों की जानमाल से जुड़ी इस मांग को विजिटर अधिकारी के समक्ष रखना भूल गए।
जानकारी के अनुसार बैक-टू-विलेज-3 कार्यक्त्रस्म का समापन हो चुका है, जबकि नगर पालिका के लिए चलाए गए मेरा शहर-मेरी शान का समापन भी मंगलवार को हो चुका है। इन दोनों कार्यक्रमों में न तो पंचायत स्तर और न ही नगर पालिका स्तर पर किसी ने इस मांग को अधिकारियों के समक्ष रखा यहां तक कि न तो बीडीसी चेयरमैन ने लोगों की सुरक्षा से जुड़ी इस समस्या को उजागर करने का कष्ट किया और न ही नगर पालिका अध्यक्ष अरनिया ने। गौरतलब है कि अरनिया ब्लाक में कुल दस पंचायत हल्के हैं, जिनमें से मुख्यता जवोयाल त्रेवा व कठार पंचायत हल्कों सहित छह पंचायत हल्के पाक गोलाबारी के दौरान जानमाल का काफी नुकसान उठा चुके हैं । गोलाबारी के दौरान सबसे अधिक प्रभावित रहने वाला टाउन के चेयरमैन ने भी इसे उजागर करना ठीक नहीं समझा।
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दो दिन तक चले इस कार्यक्रम में लोगों ने मांगों को रखा। मगर इस मांग को नहीं रख सके। मेरे भी जहन में इस सबसे जरूरी मांग रखने का ध्यान नहीं आया।
-गरमेश सैनी, अध्यक्ष, नगर पालिका
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यह सबसे जरूरी मांग थी, जिसे लोगों ने अधिकारियों के समक्ष नहीं रखा। न ही मुझे इसका ध्यान रहा।
-कुलदीप राज भगत, चेयरमैन, बीडीसी अरनिया
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जानकारी के अनुसार बैक-टू-विलेज-3 कार्यक्त्रस्म का समापन हो चुका है, जबकि नगर पालिका के लिए चलाए गए मेरा शहर-मेरी शान का समापन भी मंगलवार को हो चुका है। इन दोनों कार्यक्रमों में न तो पंचायत स्तर और न ही नगर पालिका स्तर पर किसी ने इस मांग को अधिकारियों के समक्ष रखा यहां तक कि न तो बीडीसी चेयरमैन ने लोगों की सुरक्षा से जुड़ी इस समस्या को उजागर करने का कष्ट किया और न ही नगर पालिका अध्यक्ष अरनिया ने। गौरतलब है कि अरनिया ब्लाक में कुल दस पंचायत हल्के हैं, जिनमें से मुख्यता जवोयाल त्रेवा व कठार पंचायत हल्कों सहित छह पंचायत हल्के पाक गोलाबारी के दौरान जानमाल का काफी नुकसान उठा चुके हैं । गोलाबारी के दौरान सबसे अधिक प्रभावित रहने वाला टाउन के चेयरमैन ने भी इसे उजागर करना ठीक नहीं समझा।
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दो दिन तक चले इस कार्यक्रम में लोगों ने मांगों को रखा। मगर इस मांग को नहीं रख सके। मेरे भी जहन में इस सबसे जरूरी मांग रखने का ध्यान नहीं आया।
-गरमेश सैनी, अध्यक्ष, नगर पालिका
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यह सबसे जरूरी मांग थी, जिसे लोगों ने अधिकारियों के समक्ष नहीं रखा। न ही मुझे इसका ध्यान रहा।
-कुलदीप राज भगत, चेयरमैन, बीडीसी अरनिया