{"_id":"628feb0d36594276334d20c1","slug":"protest-jammu-city-news-jmu2606369163","type":"story","status":"publish","title_hn":"न्यूनतम वेतन अधिनियम का मिले लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
न्यूनतम वेतन अधिनियम का मिले लाभ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। न्यूनतम वेतन अधिनियम का लाभ सहित अन्य सुविधाएं नहीं मिलने पर मजदूर वर्ग में रोष है। वीरवार को भारतीय मजदूर संघ की प्रदेश इकाई ने प्रदर्शन कर सरकार को कोसा है। इस दौरान मांगें पूरी करने की गुहार लगाई है।
कार्यकारी अध्यक्ष हरबंस चौधरी के नेतृत्व में सदस्यों ने उपराज्यपाल प्रशासन पर मजदूरी विरोधी होने का आरोप लगाया है। बताया कि प्रदेश में न्यूनतम वेतन अधिनियम का लाभ नहीं दिया जा रहा है। जेकेईपीएफओ में पीएफ की राशि सेेंट्रल ईपीएफओ में स्थानांतरित नहीं की गई है, जिससे काफी परेशानी हो रही है। जम्मू-कश्मीर भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के तहत श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा सहायता के रूप में दी जाने वाले राशि के हजारों मामले लंबित पड़े हैं। जम्मू जिले में 2019-20 और 2021-22 के अंतर्गत हजारों मामलों को बोर्ड ने मंजूर नहीं किया है। श्रमिकों का नया पंजीकरण नहीं हो रहा है। जम्मू, सांबा और रामबन जिले में अतिरिक्त श्रम आयुक्त का पद रिक्त है। प्रदेश में चल रहे विभिन्न निर्माण परियोजनाओं में श्रमिकों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासनसे जल्द कदम उठाने की मांग की है।
विज्ञापन
कार्यकारी अध्यक्ष हरबंस चौधरी के नेतृत्व में सदस्यों ने उपराज्यपाल प्रशासन पर मजदूरी विरोधी होने का आरोप लगाया है। बताया कि प्रदेश में न्यूनतम वेतन अधिनियम का लाभ नहीं दिया जा रहा है। जेकेईपीएफओ में पीएफ की राशि सेेंट्रल ईपीएफओ में स्थानांतरित नहीं की गई है, जिससे काफी परेशानी हो रही है। जम्मू-कश्मीर भवन और अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के तहत श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा सहायता के रूप में दी जाने वाले राशि के हजारों मामले लंबित पड़े हैं। जम्मू जिले में 2019-20 और 2021-22 के अंतर्गत हजारों मामलों को बोर्ड ने मंजूर नहीं किया है। श्रमिकों का नया पंजीकरण नहीं हो रहा है। जम्मू, सांबा और रामबन जिले में अतिरिक्त श्रम आयुक्त का पद रिक्त है। प्रदेश में चल रहे विभिन्न निर्माण परियोजनाओं में श्रमिकों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासनसे जल्द कदम उठाने की मांग की है।
विज्ञापन