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पुरानी पेंशन योजना के लिए सड़कों पर उतरे शिक्षक
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर यूनाइटेड स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (यूएसटीए) के बैनर तले शिक्षकों ने मंगलवार को अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रेस क्लब के बाहर एकत्रित हुए कर्मचारियों ने केंद्र सरकार से एनपीए को रद्द कर पूरानी पेंशन योजना को बाहल करने की मांग की है। कर्मचारियों ने कहा कि सरकार कर्मचारी के पास पेंशन ही वृद्धावस्था का सहारा होती है, ऐसे में सरकार को पूरानी पेंशन योजना को शुरू करना चाहिए।
यूएसटीए के अध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि प्रदेश में ट्रांसफर पालिसी सिर्फ कागजों में बनती है, क्यूकी जीमनी स्तर पर उसका प्रभाव नहीं दिख रहा है। ट्रांसफर में भाई- भतीजावाद है। प्रदेश के जिन स्कूलों में बच्चों की संख्सा कम है वह शिक्षक ज्यादा,जबकि जहां पर बच्चों की संख्या ज्यादा है वहां पर शिक्षक कम है। सरकार को सर प्लस की व्यवस्था को बंद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2000 में रहबर-ए- तालीम शिक्षक नियुक्त किए गए थे। पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद भी शिक्षक नियमित तो हो गए, लेकिन अभी तक उनकी ट्रांसफर पालिसी को लागू नहीं किया गया है। 20 वर्षों से शिक्षक एक ही स्कूल में तैनात है। उन्होंने कहा कि सरकार को कोविड नियमों के तहत प्रामरी स्कूलों को खोलना चाहिए। स्कूल बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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यूएसटीए के अध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि प्रदेश में ट्रांसफर पालिसी सिर्फ कागजों में बनती है, क्यूकी जीमनी स्तर पर उसका प्रभाव नहीं दिख रहा है। ट्रांसफर में भाई- भतीजावाद है। प्रदेश के जिन स्कूलों में बच्चों की संख्सा कम है वह शिक्षक ज्यादा,जबकि जहां पर बच्चों की संख्या ज्यादा है वहां पर शिक्षक कम है। सरकार को सर प्लस की व्यवस्था को बंद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 2000 में रहबर-ए- तालीम शिक्षक नियुक्त किए गए थे। पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद भी शिक्षक नियमित तो हो गए, लेकिन अभी तक उनकी ट्रांसफर पालिसी को लागू नहीं किया गया है। 20 वर्षों से शिक्षक एक ही स्कूल में तैनात है। उन्होंने कहा कि सरकार को कोविड नियमों के तहत प्रामरी स्कूलों को खोलना चाहिए। स्कूल बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
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