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महबूबा ने की केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sat, 23 Apr 2016 10:33 PM IST
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रियासत की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
- फोटो : PTI
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने प्रशासनिक सचिवों को केंद्र प्रायोजित योजनाओं की फंडिंग में देरी की वजहों को दूर करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को महबूबा ने मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद पहली बार केंद्र प्रायोजित योजनाओं की समीक्षा बैठक की।
बैठक में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से फंड के बंटवारे के नियमों में ढील दी गई तो प्रशासनिक सचिवों को चाहिए कि संबंधित केंद्रीय विभागों के अधिकारियों से संवाद कायम करें ताकि फंडिंग में देरी न हो। उन्होंने कहा कि सभी प्रोजेक्टों के उपयोगिता प्रमाण पत्र समय रहते जमा करवा दिए जाएं जिससे कि केंद्रीय योजनाएं तय समय सीमा में पूरी हो सकें।
कहा कि रियासत में संसाधनों की कमी है, पर केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त कार्यक्रमों से हालात और गरीबी के स्तर में सुधार लाया जा सकता है। इस दौरान योजना सचिव ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि नए सिरे से पुनर्गठन किए जाने से केंद्र-राज्य के संयुक्त कार्यक्रमों की संख्या में कमी आई है। इनकी संख्या अब महज 30 रह गई है। उन्होंने बताया कि इनमें से अधिकतर में केंद्र-राज्य का खर्च अनुपात 90:10 का रहेगा।
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उन्होंने बताया कि इससे राज्य सरकार को खर्च में 134 करोड़ रुपये की राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से विभिन्न योजनाओं के लिए साढ़े पांच हजार करोड़ रुपये की फंडिंग हासिल करने के लिए रियासत को अपने हिस्से के 820 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। बैठक में प्रधानमंत्री पैकेज, पावर सेक्टर, स्वच्छ भारत अभियान सहित कई अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई।
शिक्षक-छात्र अनुपात सुधारने के भी निर्देश
शिक्षा के क्षेत्र में आरएमएसए और एसएसए की समीक्षा के दौरान महबूबा ने जम्मू और श्रीनगर शहरों की ही तरह ग्रामीण और दूर दराज केे क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात को सुधारने के निर्देश दिए। साथ ही शिक्षा विभाग से माडल स्कूल स्कीम में और अधिक स्कूलों को शामिल करने और ई-लर्निंग तकनीक लागू करने को भी कहा।
जून में शुरू हो जाएंगे बसोहली और डुरू माडल अस्पताल
स्वास्थ्य सचिव ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि इस साल जून में बसोहली और डुरू माडल अस्पताल शुरू हो जाएंगे। आरएंडबी सचिव ने बताया कि सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मंत्रालय को सभी उपयोगिता प्रमाण पत्र भेज दिए गए हैं।
10 नर्सिंग कालेज, 22 माडल अस्पताल बनेंगे
बैठक में मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री पैकेज के अंतर्गत 900 करोड़ रुपये स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए रखे गए हैं। इनसे रियासत में 10 नर्सिंग कालेज, 22 माडल अस्पताल बनाए जाएंगे। हर जिला अस्पताल में आईसीयू और ब्लड बैंक बनाया जाएगा।
डेपुटेशन कोटा 10 फीसदी से अधिक न हो
अस्पतालों में डाक्टरों की कमी पर पूछे जाने पर स्वास्थ्य सचिव ने महबूबा को जानकारी दी कि डेपुटेशन पर अधिकतम 293 डाक्टरों को ही भेजा जा सकता है। पर वर्तमान में 879 डाक्टर डेपुटेशन पर हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने डेपुटेशन कोटा को किसी भी हाल में 10 फीसदी से अधिक न होने देने के निर्देश जारी किए।
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बैठक में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से फंड के बंटवारे के नियमों में ढील दी गई तो प्रशासनिक सचिवों को चाहिए कि संबंधित केंद्रीय विभागों के अधिकारियों से संवाद कायम करें ताकि फंडिंग में देरी न हो। उन्होंने कहा कि सभी प्रोजेक्टों के उपयोगिता प्रमाण पत्र समय रहते जमा करवा दिए जाएं जिससे कि केंद्रीय योजनाएं तय समय सीमा में पूरी हो सकें।
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कहा कि रियासत में संसाधनों की कमी है, पर केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त कार्यक्रमों से हालात और गरीबी के स्तर में सुधार लाया जा सकता है। इस दौरान योजना सचिव ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि नए सिरे से पुनर्गठन किए जाने से केंद्र-राज्य के संयुक्त कार्यक्रमों की संख्या में कमी आई है। इनकी संख्या अब महज 30 रह गई है। उन्होंने बताया कि इनमें से अधिकतर में केंद्र-राज्य का खर्च अनुपात 90:10 का रहेगा।
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उन्होंने बताया कि इससे राज्य सरकार को खर्च में 134 करोड़ रुपये की राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार से विभिन्न योजनाओं के लिए साढ़े पांच हजार करोड़ रुपये की फंडिंग हासिल करने के लिए रियासत को अपने हिस्से के 820 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। बैठक में प्रधानमंत्री पैकेज, पावर सेक्टर, स्वच्छ भारत अभियान सहित कई अन्य विषयों पर भी चर्चा हुई।
शिक्षक-छात्र अनुपात सुधारने के भी निर्देश
शिक्षा के क्षेत्र में आरएमएसए और एसएसए की समीक्षा के दौरान महबूबा ने जम्मू और श्रीनगर शहरों की ही तरह ग्रामीण और दूर दराज केे क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात को सुधारने के निर्देश दिए। साथ ही शिक्षा विभाग से माडल स्कूल स्कीम में और अधिक स्कूलों को शामिल करने और ई-लर्निंग तकनीक लागू करने को भी कहा।
जून में शुरू हो जाएंगे बसोहली और डुरू माडल अस्पताल
स्वास्थ्य सचिव ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि इस साल जून में बसोहली और डुरू माडल अस्पताल शुरू हो जाएंगे। आरएंडबी सचिव ने बताया कि सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मंत्रालय को सभी उपयोगिता प्रमाण पत्र भेज दिए गए हैं।
10 नर्सिंग कालेज, 22 माडल अस्पताल बनेंगे
बैठक में मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री पैकेज के अंतर्गत 900 करोड़ रुपये स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए रखे गए हैं। इनसे रियासत में 10 नर्सिंग कालेज, 22 माडल अस्पताल बनाए जाएंगे। हर जिला अस्पताल में आईसीयू और ब्लड बैंक बनाया जाएगा।
डेपुटेशन कोटा 10 फीसदी से अधिक न हो
अस्पतालों में डाक्टरों की कमी पर पूछे जाने पर स्वास्थ्य सचिव ने महबूबा को जानकारी दी कि डेपुटेशन पर अधिकतम 293 डाक्टरों को ही भेजा जा सकता है। पर वर्तमान में 879 डाक्टर डेपुटेशन पर हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने डेपुटेशन कोटा को किसी भी हाल में 10 फीसदी से अधिक न होने देने के निर्देश जारी किए।