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निजी स्वार्थ के चलते तालाबों का मिट रहा अस्तित्व
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चक सलारिया तालाब की खस्ताहालत।
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विजयपुर। चक सलारिया के सरपंच विजय कुमार बाबा ने कहा कि लोगों का निजी स्वार्थ तालाबों के अस्तित्व को मिटा रहा है। कहीं अतिक्त्रस्मण तो कहीं कूड़ादान बनाकर तालाब को नाले में तब्दील कर दिया है। लोगों के साथ प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार हो रहा तालाब अपनी पहचान खो रहे हैं।
गांव चक सलारिया, गुडवाल करालिया आदि तालाब अपनी अंतिम सांसें गिन रहे हैं। कभी लोगों को जिंदगी देने वाला तालाब आज खुद उसके स्वार्थ में उसी के हाथों मिटने को विवश है। कई बार प्रशासनिक अधिकारी से गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन कोई असर नहीं होता। एक तरफ सरकार कहती है वाटर बॉडी को बचाया जाए। इसे बचाने के बजाय तालाबों की ऐतिहासिकता को जमींदोज किया जा रहा रहा है। एक दो नहीं शहर के आसपास के दर्जनों तालाब की कहानी अतिक्रमणकारियों एवं प्रशासनिक महकमे के कारनामे को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि भले ही तालाबों की अभी चिंता नहीं हो रही है। भूजल के प्रति लोगों की संवेदनहीनता से एक समय पेयजल की समस्या यहां भी उत्पन्न हो सकती है। इसकी शुरुआत पहाड़ी क्षेत्रों से हो चुकी है। जहां टैंकर से जलापूर्ति की जाती है। इससे बचाव का एक मात्र साधन तालाब व नहरों को संरक्षित करना है। इसके लिए आम लोगों को आगे आना होगा। आने वाली पीढ़ी को पेयजल की समस्या से मुक्ति के लिए तालाबों को संरक्षित करना ही एक मात्र साधन है।
विजय कुमार बाबा ने उपायुक्त अनुराधा गुप्ता से अपील है कि पंचायत के तालाबों की ओर विशेष धयान दिया जाए।
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गांव चक सलारिया, गुडवाल करालिया आदि तालाब अपनी अंतिम सांसें गिन रहे हैं। कभी लोगों को जिंदगी देने वाला तालाब आज खुद उसके स्वार्थ में उसी के हाथों मिटने को विवश है। कई बार प्रशासनिक अधिकारी से गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन कोई असर नहीं होता। एक तरफ सरकार कहती है वाटर बॉडी को बचाया जाए। इसे बचाने के बजाय तालाबों की ऐतिहासिकता को जमींदोज किया जा रहा रहा है। एक दो नहीं शहर के आसपास के दर्जनों तालाब की कहानी अतिक्रमणकारियों एवं प्रशासनिक महकमे के कारनामे को उजागर करती है। उन्होंने कहा कि भले ही तालाबों की अभी चिंता नहीं हो रही है। भूजल के प्रति लोगों की संवेदनहीनता से एक समय पेयजल की समस्या यहां भी उत्पन्न हो सकती है। इसकी शुरुआत पहाड़ी क्षेत्रों से हो चुकी है। जहां टैंकर से जलापूर्ति की जाती है। इससे बचाव का एक मात्र साधन तालाब व नहरों को संरक्षित करना है। इसके लिए आम लोगों को आगे आना होगा। आने वाली पीढ़ी को पेयजल की समस्या से मुक्ति के लिए तालाबों को संरक्षित करना ही एक मात्र साधन है।
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विजय कुमार बाबा ने उपायुक्त अनुराधा गुप्ता से अपील है कि पंचायत के तालाबों की ओर विशेष धयान दिया जाए।