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सराय को बना दिया स्टोर, ठंड में ठिठुर रहे तीमारदार
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जम्मू। महेशपुरा स्थित रेडक्रॉस अटेंडेंट सराय को जीएमसी प्रशासन ने स्टोर बना डाला है। कागजों में सराय में बिस्तर की क्षमता 152 है, लेकिन अब इनकी संख्या 40 रह गई है। नतीजतन कड़ाके की ठंड में रोजाना रात्रि विश्राम के लिए पहुंच रहे 25-30 मरीजों और तीमारदारों को लौटाया जा रहा है। कोरोना की दूसरी लहर में सराय के ग्राउंड, पहले और दूसरे फ्लोर पर जीएमसी प्रशासन की ओर से चिकित्सा सामग्री रखी गई है, जिससे तीमारदारों को ग्राउंड फ्लोर पर मात्र आठ बिस्तर के साथ तीसरे और चौथे फ्लोर पर भेजा जा रहा है। यही नहीं, बाथरूम के लिए उन्हें पहले फ्लोर पर आना पड़ता है। इससे भी तीमारदार परेशान हैं।
सितंबर, 2021 में सराय का निर्माण इस उद्देश्य से किया गया था कि जीएमसी, सीडी, साइकाइटरी, एसएमजीएस, सुपर स्पेशियलिटी सहित अन्य अस्पतालों के मरीजों को रात्रि विश्राम के लिए जगह मिल सके। इसका उद्देश्य अस्पतालों में तीमारदारों की भीड़ कम करना भी था। खासतौर पर तापमान गिरने पर सराय में बड़ी संख्या में तीमारदार और मरीज रात को रुकने के लिए पहुंचते हैं। इनमें कई बार आंकड़ा 120 तक जा चुका है। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में मरीजों के साथ तीमारदारों को निराशा ही मिल रही है।
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- 50 में बिस्तर और 10 रुपये में मिलता है खाना
सराय में प्रत्येक तीमारदार से बिस्तर के 50 रुपये और खाने के 10 रुपये लिए जाते हैं। सराय की लिफ्ट भी बंद पड़ी हुई है, जिससे तीमारदारों को तीसरे और चौथे फ्लोर तक सीढ़ियों से ही पहुंचना पड़ रहा है। रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन एवं मंडलायुक्त जम्मू की ओर से हाल ही में एक आदेश जारी कर सराय में कैंसर पीड़ित मरीजों और तीमारदारों को ठहराने के लिए निशुल्क व्यवस्था की गई थी। इसमें एक मरीज के साथ एक तीमारदार रुक सकता है। लेकिन कई बार मरीजों और तीमारदारों को रखने के लिए रात में जगह ही उपलब्ध नहीं हो रही है, जिससे उन्हें होटलों या अन्य जगहों पर जाना पड़ रहा है। इससे उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
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तीमारदारों की सहूलियत के लिए विकल्प ढूंढ रहे : एडीसी
रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव पद का कार्यभार देख रहे एडीसी जम्मू सतीश शर्मा ने कहा कि रेडक्रॉस अटेंडेंट सराय में मरीजों और तीमारदारों की सहूलियत के लिए उचित विकल्प की तलाश की जा रही है और जल्द ही इस मामले का हल किया जाएगा।
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सितंबर, 2021 में सराय का निर्माण इस उद्देश्य से किया गया था कि जीएमसी, सीडी, साइकाइटरी, एसएमजीएस, सुपर स्पेशियलिटी सहित अन्य अस्पतालों के मरीजों को रात्रि विश्राम के लिए जगह मिल सके। इसका उद्देश्य अस्पतालों में तीमारदारों की भीड़ कम करना भी था। खासतौर पर तापमान गिरने पर सराय में बड़ी संख्या में तीमारदार और मरीज रात को रुकने के लिए पहुंचते हैं। इनमें कई बार आंकड़ा 120 तक जा चुका है। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में मरीजों के साथ तीमारदारों को निराशा ही मिल रही है।
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- 50 में बिस्तर और 10 रुपये में मिलता है खाना
सराय में प्रत्येक तीमारदार से बिस्तर के 50 रुपये और खाने के 10 रुपये लिए जाते हैं। सराय की लिफ्ट भी बंद पड़ी हुई है, जिससे तीमारदारों को तीसरे और चौथे फ्लोर तक सीढ़ियों से ही पहुंचना पड़ रहा है। रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन एवं मंडलायुक्त जम्मू की ओर से हाल ही में एक आदेश जारी कर सराय में कैंसर पीड़ित मरीजों और तीमारदारों को ठहराने के लिए निशुल्क व्यवस्था की गई थी। इसमें एक मरीज के साथ एक तीमारदार रुक सकता है। लेकिन कई बार मरीजों और तीमारदारों को रखने के लिए रात में जगह ही उपलब्ध नहीं हो रही है, जिससे उन्हें होटलों या अन्य जगहों पर जाना पड़ रहा है। इससे उन पर आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
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तीमारदारों की सहूलियत के लिए विकल्प ढूंढ रहे : एडीसी
रेडक्रॉस सोसायटी के सचिव पद का कार्यभार देख रहे एडीसी जम्मू सतीश शर्मा ने कहा कि रेडक्रॉस अटेंडेंट सराय में मरीजों और तीमारदारों की सहूलियत के लिए उचित विकल्प की तलाश की जा रही है और जल्द ही इस मामले का हल किया जाएगा।