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Jammu News: आदेश - निजी स्कूलों को लेनी होगी फीस की स्वीकृति, सच्चाई - बिना मंजूरी के पैसे लिए जा रहे
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। निजी स्कूलों की मनमानी ऐसी है कि वह सरकार के आदेश को भी नहीं मानते। फीस निर्धारण समिति (एफएफआरसी) से फीस की स्वीकृति लेनी जरूरी होती है, इसके बिना फीस नहीं ले सकते। यह सिर्फ सरकार के आदेश में लिखा है, क्योंकि वास्तविकता में शहर के अधिकांश बड़े निजी स्कूलों ने चार साल से एफएफआरसी से अपनी फीस स्वीकृत नहीं करवाई है। ये स्कूल मनमर्जी की फीस ले रहे हैं, जिसका सीधा असर अभिभावकों पर पड़ रहा है।
एफएफआरसी का आदेश है - सभी निजी स्कूलों के लिए फीस स्वीकृति जरूरी है। 12 अप्रैल को एफएफआरसी ने 2021 के पुराने आदेश को जारी कर सभी निजी स्कूलों को फीस स्वीकृति करने के लिए कहा। इसके तहत स्कूल को बताना होता है कि वह किसी आधार पर फीस ले रहा है। शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले स्कूलों को एफएफआरसी के पास आवेदन कर फाइल देनी होती है। इसके बाद एफएफआरसी स्कूलों का दौरा कर फीस स्वीकृति को मंजूरी देती है। एफएफआरसी ने फीस स्वीकृति नहीं लेने वाले सभी निजी स्कलों को स्वीकृति लेने का अंतिम मौका दिया। इसके बावजूद निजी स्कूल नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। इनमें दिल्ली पब्लिक स्कूल, केसी इंटरनेशनल स्कूल, बिरला ओपन सहित अन्य शामिल हैं।
ये स्कूल बिना एफएफआरसी की स्वीकृति के अभिभावकों से मोटी रकम ले रहे हैं। आदेश के अनुसार बिना फीस स्वीकृति वाले स्कूलों में नए दाखिले नहीं हो सकते। एफएफआरसी की वेबसाइट पर उन स्कूलों की जानकारी है जिन्होंने फीस की स्वीकृति ली है, पर शहर के कुछ बड़े स्कूलों की जानकारी उपलब्ध नहीं है। अभिभावक संघ के अध्यक्ष अमित कपूर ने कहा कि इन निजी स्कूलों की फीस स्वीकृत नहीं हो सकती, क्योंकि ये ज्यादा फीस वसूल रहे हैं। एफएफआरसी और स्कूल शिक्षा विभाग कार्रवाई करने से बच रहे हैं। ब्यूरो
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जम्मू। निजी स्कूलों की मनमानी ऐसी है कि वह सरकार के आदेश को भी नहीं मानते। फीस निर्धारण समिति (एफएफआरसी) से फीस की स्वीकृति लेनी जरूरी होती है, इसके बिना फीस नहीं ले सकते। यह सिर्फ सरकार के आदेश में लिखा है, क्योंकि वास्तविकता में शहर के अधिकांश बड़े निजी स्कूलों ने चार साल से एफएफआरसी से अपनी फीस स्वीकृत नहीं करवाई है। ये स्कूल मनमर्जी की फीस ले रहे हैं, जिसका सीधा असर अभिभावकों पर पड़ रहा है।
एफएफआरसी का आदेश है - सभी निजी स्कूलों के लिए फीस स्वीकृति जरूरी है। 12 अप्रैल को एफएफआरसी ने 2021 के पुराने आदेश को जारी कर सभी निजी स्कूलों को फीस स्वीकृति करने के लिए कहा। इसके तहत स्कूल को बताना होता है कि वह किसी आधार पर फीस ले रहा है। शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले स्कूलों को एफएफआरसी के पास आवेदन कर फाइल देनी होती है। इसके बाद एफएफआरसी स्कूलों का दौरा कर फीस स्वीकृति को मंजूरी देती है। एफएफआरसी ने फीस स्वीकृति नहीं लेने वाले सभी निजी स्कलों को स्वीकृति लेने का अंतिम मौका दिया। इसके बावजूद निजी स्कूल नियमों की अवहेलना कर रहे हैं। इनमें दिल्ली पब्लिक स्कूल, केसी इंटरनेशनल स्कूल, बिरला ओपन सहित अन्य शामिल हैं।
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ये स्कूल बिना एफएफआरसी की स्वीकृति के अभिभावकों से मोटी रकम ले रहे हैं। आदेश के अनुसार बिना फीस स्वीकृति वाले स्कूलों में नए दाखिले नहीं हो सकते। एफएफआरसी की वेबसाइट पर उन स्कूलों की जानकारी है जिन्होंने फीस की स्वीकृति ली है, पर शहर के कुछ बड़े स्कूलों की जानकारी उपलब्ध नहीं है। अभिभावक संघ के अध्यक्ष अमित कपूर ने कहा कि इन निजी स्कूलों की फीस स्वीकृत नहीं हो सकती, क्योंकि ये ज्यादा फीस वसूल रहे हैं। एफएफआरसी और स्कूल शिक्षा विभाग कार्रवाई करने से बच रहे हैं। ब्यूरो
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