{"_id":"9c2c0f8f9afc181c070e02e78c631755","slug":"preprations-ready-for-swine-flu-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वाइन फ्लू से निपटने की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वाइन फ्लू से निपटने की तैयारी
ब्यूरो/अमरउजाला, जम्मू
Updated Sat, 24 Oct 2015 09:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डेंगू के बाद स्वाइन फ्लू से निपटने की तैयारी तेज हो गई है। पारा गिरने के साथ स्वास्थ्य महकमे को एच1एन1 वायरस के सक्रिय होने की चिंता हो रही है।
विज्ञापन
जीएमसी के संबंधित विभागों को जरूरी प्रबंध करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें चोपड़ा नर्सिंग होम में आइसोलेट यूनिट स्थापित करना प्रस्तावित है।
स्वाइन फ्लू ओपीडी और अन्य जगह सेवाएं देने वाले चिकित्सा कर्मियों को वैक्सीन दी जाएगी। पीड़ितों के लिए अतिरिक्त वेंटिलेटर की व्यवस्था रहेगी।
रियासत में वर्ष 2014 में रिकार्ड स्वाइन फ्लू के पाजिटिव मामले सामने आए थे। हालांकि जीएमसी में लैब का प्रोजेक्ट लटकने से इस बार भी स्वाइन फ्लू टेस्ट रिपोर्ट के लिए मरीजों को दिल्ली की सरकारी लैब पर निर्भर रहना पड़ेगा।
विज्ञापन
स्वाइन फ्लू की तैयारी को लेकर जीएमसी में कई बैठकें की जा चुकी हैं। इसमें वैक्सीन के साथ टैमीफ्लू टैबलेट, मास्क आदि के प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
विशेषज्ञों के अनुसार नवंबर में पारा गिरने पर स्वाइन फ्लू के वायरस के सक्रिय होने की आशंका बढ़ जाती है। रियासत में वर्ष 2009 में स्वाइन फ्लू के एच1एन1 वायरस ने दस्तक दी थी।
जम्मू के बिश्नाह क्षेत्र के खैरी सरोर गांव के एक निवासी की दिसंबर 2009 को स्वाइन फ्लू से मौत हो गई थी। इससे पूर्व सोरा, श्रीनगर में भी एक महिला मौत की इस वायरस से जान चली गई थी।
उस समय जम्मू संभाग में 60 से ज्यादा लोग स्वाइन प्लू से पाजिटिव पाए गए थे। इसके बाद कुछ साल शांत रहने के बाद वर्ष 2014 में स्वाइन फ्लू ने दोबारा हमला किया। इसमें भी कई लोगों की जान चली गई।