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वैष्णो देवी के पारंपरिक रूट खोलने की तैयारी
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sat, 26 Mar 2016 10:11 AM IST
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- फोटो : FILE
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श्री माता वैष्णो देवी के पारंपरिक रूट बमियाल पर पुल का निर्माण करवाकर कटड़ा को सीधे अखनूर, मथवार, पुंछ, राजोरी से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इसमें संबंधित स्टेशनों से यात्री सीधे वैष्णो देवी पहुंचने के साथ अन्य पर्यटक और धार्मिक स्थलों तक पहुंच पाएंगे।
राज्यपाल के सलाहकार परवेज दीवान ने जगती-बमियाल-देवा माई आदि पारंपरिक रूटों का दौरा कर पहले चरण में बमियाल रूट की पांच किमी सड़क पर तारकोल डालने और उसके विकास करने के निर्देश दिए। इसमें सीआरएफ के तहत बमियाल में पुल के निर्माण पर काम किया जाएगा।
वैष्णो देवी के रूट पर कोल कंडोली, ओली माता मंदिर, देवा माई आदि ऐतिहासिक धार्मिक स्थल आते हैं। बमियाल में पुल का निर्माण होना अखनूर, मथवार, पुंछ और राजोरी के लोगों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
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इससे उक्त क्षेत्रों में यात्रियों और स्थानीय लोगों का कटड़ा तक पहुंचने के लिए 40 किमी. का सफर कम होगा। इसमें मथवार, अंबरान (अखनूर) शोवा माता और जम्मू के अन्य क्षेत्रों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा सकता है। दीवान ने जगती में फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट का भी जायजा लिया।
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राज्यपाल के सलाहकार परवेज दीवान ने जगती-बमियाल-देवा माई आदि पारंपरिक रूटों का दौरा कर पहले चरण में बमियाल रूट की पांच किमी सड़क पर तारकोल डालने और उसके विकास करने के निर्देश दिए। इसमें सीआरएफ के तहत बमियाल में पुल के निर्माण पर काम किया जाएगा।
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वैष्णो देवी के रूट पर कोल कंडोली, ओली माता मंदिर, देवा माई आदि ऐतिहासिक धार्मिक स्थल आते हैं। बमियाल में पुल का निर्माण होना अखनूर, मथवार, पुंछ और राजोरी के लोगों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
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इससे उक्त क्षेत्रों में यात्रियों और स्थानीय लोगों का कटड़ा तक पहुंचने के लिए 40 किमी. का सफर कम होगा। इसमें मथवार, अंबरान (अखनूर) शोवा माता और जम्मू के अन्य क्षेत्रों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जा सकता है। दीवान ने जगती में फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट का भी जायजा लिया।