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सिंगल यूज प्लास्टिक का जमकर हो रहा प्रयोग
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आरएस पुरा। सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग पर प्रशासन ने भले ही रोक लगा दी हो, लेकिन उपजिले के बाजारों में इसका प्रयोग धड़ल्ले से हो रहा है। पॉलीथिन से लेकर अन्य सामान का प्रयोग आमजन से लेकर दुकानदार खूब कर रहे हैं।
सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए न आमजन जागरूक हुआ है, न ही दुकानदार। ऐसे में प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। किसान नेता चौधरी मोहन सिंह ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग इंसान ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों व जमीन के लिए भी घातक हैं। देश की सरकार द्वारा एक जुलाई से पूरे देश में सिंगल यूज प्लास्टिक से बनी वस्तुओं पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। उन्होंने कहा कि एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक के आइटम जैसे ईयर बड्स, गुब्बारे की प्लास्टिक डंडी, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी की प्लास्टिक डंडी, आइसक्रीम की प्लास्टिक डंडी, थर्माकोल के सजावटी सामान, प्लास्टिक की प्लेट, कप, ग्लास, कांटे, चम्मच, स्ट्रा, ट्रे, मिठाई के डिब्बे पैक करने वाली पन्नी, इनविटेशन कार्ड पर लगाई जाने वाली पन्नी, सिगरेट पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली पन्नी, 75 माइक्रोन से कम पीवीसी व प्लास्टिक के बैनर आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग करने वालों पर भी 250, 500 रुपये से 25 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
इसके बावजूद न तो प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा और न ही आरएस पुरा नगर पालिका।
पूर्व मंत्री चौ. गारू राम ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से नियम बनाए जाने पर इसे लागू करने के लिए भी कारगर कदम उठाने चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा। सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग पर प्रतिबंध होने पर ऐसे लोगों के खिलाफ कानून के अंतर्गत कार्रवाई की जानी चाहिए, जो इसका प्रयोग कर रहे हैं। जो दुकानदार इसका प्रयोग करते है, उनके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय ऐसे लोगों के खिलाफ बडे़ स्तर पर कार्रवाई की जाए।
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सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए न आमजन जागरूक हुआ है, न ही दुकानदार। ऐसे में प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। किसान नेता चौधरी मोहन सिंह ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग इंसान ही नहीं, बल्कि पशु-पक्षियों व जमीन के लिए भी घातक हैं। देश की सरकार द्वारा एक जुलाई से पूरे देश में सिंगल यूज प्लास्टिक से बनी वस्तुओं पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया है। उन्होंने कहा कि एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक के आइटम जैसे ईयर बड्स, गुब्बारे की प्लास्टिक डंडी, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी की प्लास्टिक डंडी, आइसक्रीम की प्लास्टिक डंडी, थर्माकोल के सजावटी सामान, प्लास्टिक की प्लेट, कप, ग्लास, कांटे, चम्मच, स्ट्रा, ट्रे, मिठाई के डिब्बे पैक करने वाली पन्नी, इनविटेशन कार्ड पर लगाई जाने वाली पन्नी, सिगरेट पैकिंग में इस्तेमाल होने वाली पन्नी, 75 माइक्रोन से कम पीवीसी व प्लास्टिक के बैनर आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग करने वालों पर भी 250, 500 रुपये से 25 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
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इसके बावजूद न तो प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा और न ही आरएस पुरा नगर पालिका।
पूर्व मंत्री चौ. गारू राम ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से नियम बनाए जाने पर इसे लागू करने के लिए भी कारगर कदम उठाने चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा। सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग पर प्रतिबंध होने पर ऐसे लोगों के खिलाफ कानून के अंतर्गत कार्रवाई की जानी चाहिए, जो इसका प्रयोग कर रहे हैं। जो दुकानदार इसका प्रयोग करते है, उनके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय ऐसे लोगों के खिलाफ बडे़ स्तर पर कार्रवाई की जाए।
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