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विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का भारत में स्वर्णिम युग
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जम्मू। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी का भारत में स्वर्णिम युग शुरू हो चुका है। विज्ञान को प्रदेशवासियों तक पहुंचाने के लिए डोगरी भाषा को चुना गया है। पूर्व की सरकारों ने इसके लिए रुचि दिखाई, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में विज्ञान को बढ़ावा मिल रहा है। यह बातें केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रविवार को जम्मू विश्वविद्यालय में विज्ञान जात्तरा पत्रिका के विमोचन के अवसर पर कहीं।
उन्होेंने कहा कि लोगों के लिए अंतरिक्ष विज्ञान के द्वार खोल दिए हैं। डेढ़ सौ किलोमीटर की दूरी पर देशभर में परमाणु ऊर्जा के संस्थान खोले गए हैं। पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास में पूर्व सरकारों की कोई रुचि नहीं रही है। लेकिन अब ड्रोन आदि को विकसित किया जा रहा है। स्टार्ट के मामले में भारत विश्व में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। इस मौके पर उन्होंने विज्ञान शब्दावली को डोगरी भाषा में प्रयोग करवाने का संकल्प दिलाया। इस मौके पर यात्रा पत्रिका के मुख्य संपादक डॉ. नकुल पराशर, प्रबंधक संपादक निमिष कपूर, संपादक डॉ. सूरम सिंह, डोगरी संस्था के अध्यक्ष ललित मंगोत्रा आदि मौजूद रहे।
2047 के स्वरूप को समझेंगे
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि 2047 के स्वरूप को समझने के लिए कैपेस्टी बिल्डिंग कमीशन के साथ मंथन किया जाएगा। साइंस की दुनिया में आगे बढ़ने के लिए युवाओं का योगदान अनिवार्य है।
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भाषा पर युवाओं की पकड़ जरूरी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अनुवाद पर ध्यान देने की जरूरत है। अंग्रेजी के साथ हिंदी, डोगरी या किसी अन्य भाषा की पकड़ होनी चाहिए। अनुवाद रोजगार को बढ़ाने का एक माध्यम भी है। प्रतियोगी परीक्षा पास करने के लिए भाषा का आना जरूरी है। भाषा के मामले कोई युवा कमजोर होगा उसकी असमर्थता देश को कमजोर कर सकती है।
डुग्गर प्रदेशवासियों के लिए दिन महत्वपूर्ण
केंद्रीय विवि के कुलपति प्रो. संजीव जैन ने कहा कि डुग्गर प्रदेश के लोगों के लिए यह दिन काफी महत्वपूर्ण है। पांच माह पहले कश्मीरी में हुए पत्रिका के विमोचन के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ डोगरी में भी पत्रिका निकालने पर चर्चा हुई थी। इससे लोग लाभान्वित होंगे।
विवि में पैथोलॉजी लोजी सेंटर खोलने की मांग
जेयू के वीसी प्रो. उमेश राय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं के लिए डॉ. जितंद्र सिंह की अहम भूमिका रही है। उन्होंने साइंस रिसर्च सेंटर और पैथोलॉजी सेंटर खोलने की आवश्यकता पर जोर दिया।
केंविवि करेगा पत्रिका के लिए सामग्री एकत्रित
विज्ञान पत्रिका विज्ञान प्रसार के मार्गदर्शन से डोगरी में प्रकाशित की जाएगी। इसमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के अनुवादित आलेखों, पुस्तकों व मूल लेखों को प्रकाशित किया जाएगा। विज्ञान संबधी तकनीकी फिल्म का निर्माण भी किया जाएगा। केंद्रीय विवि जम्मू सामग्री एकत्रित करेगा और संपादन आदि कार्यों में मदद करेगा।
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उन्होेंने कहा कि लोगों के लिए अंतरिक्ष विज्ञान के द्वार खोल दिए हैं। डेढ़ सौ किलोमीटर की दूरी पर देशभर में परमाणु ऊर्जा के संस्थान खोले गए हैं। पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास में पूर्व सरकारों की कोई रुचि नहीं रही है। लेकिन अब ड्रोन आदि को विकसित किया जा रहा है। स्टार्ट के मामले में भारत विश्व में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। इस मौके पर उन्होंने विज्ञान शब्दावली को डोगरी भाषा में प्रयोग करवाने का संकल्प दिलाया। इस मौके पर यात्रा पत्रिका के मुख्य संपादक डॉ. नकुल पराशर, प्रबंधक संपादक निमिष कपूर, संपादक डॉ. सूरम सिंह, डोगरी संस्था के अध्यक्ष ललित मंगोत्रा आदि मौजूद रहे।
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2047 के स्वरूप को समझेंगे
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि 2047 के स्वरूप को समझने के लिए कैपेस्टी बिल्डिंग कमीशन के साथ मंथन किया जाएगा। साइंस की दुनिया में आगे बढ़ने के लिए युवाओं का योगदान अनिवार्य है।
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भाषा पर युवाओं की पकड़ जरूरी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अनुवाद पर ध्यान देने की जरूरत है। अंग्रेजी के साथ हिंदी, डोगरी या किसी अन्य भाषा की पकड़ होनी चाहिए। अनुवाद रोजगार को बढ़ाने का एक माध्यम भी है। प्रतियोगी परीक्षा पास करने के लिए भाषा का आना जरूरी है। भाषा के मामले कोई युवा कमजोर होगा उसकी असमर्थता देश को कमजोर कर सकती है।
डुग्गर प्रदेशवासियों के लिए दिन महत्वपूर्ण
केंद्रीय विवि के कुलपति प्रो. संजीव जैन ने कहा कि डुग्गर प्रदेश के लोगों के लिए यह दिन काफी महत्वपूर्ण है। पांच माह पहले कश्मीरी में हुए पत्रिका के विमोचन के दौरान डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ डोगरी में भी पत्रिका निकालने पर चर्चा हुई थी। इससे लोग लाभान्वित होंगे।
विवि में पैथोलॉजी लोजी सेंटर खोलने की मांग
जेयू के वीसी प्रो. उमेश राय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं के लिए डॉ. जितंद्र सिंह की अहम भूमिका रही है। उन्होंने साइंस रिसर्च सेंटर और पैथोलॉजी सेंटर खोलने की आवश्यकता पर जोर दिया।
केंविवि करेगा पत्रिका के लिए सामग्री एकत्रित
विज्ञान पत्रिका विज्ञान प्रसार के मार्गदर्शन से डोगरी में प्रकाशित की जाएगी। इसमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के अनुवादित आलेखों, पुस्तकों व मूल लेखों को प्रकाशित किया जाएगा। विज्ञान संबधी तकनीकी फिल्म का निर्माण भी किया जाएगा। केंद्रीय विवि जम्मू सामग्री एकत्रित करेगा और संपादन आदि कार्यों में मदद करेगा।