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16 और नेताओं ने पीडीपी को अलविदा किया
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जम्मू। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के झंडे वाले बयान से पार्टी में बगावत जारी है। बुधवार को 16 और नेताओं व प्रमुख कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ दी। उन्होंने उन्होंने पार्टी छोड़ने का कारण महबूबा मुफ्ती के हालिया बयान से आहत होना बताया है।
पार्टी छोड़ने वालों में सोहित शर्मा, शाम गुप्ता, मनोहर लाल, अब्दुल लतीफ, सुरेंद्र शान, योगेंद्र शर्मा, ओम प्रकाश, अनिल शर्मा, मनु मल्होत्रा, पुष्प शर्मा, रेणु, राम लाल, नरेंद्र शर्मा, गुरमीत बाजवा, शाम सिंह और बलदेव सिंह पप्पा शामिल हैं।
पार्टी से हाल ही में त्यागपत्र देने वाले पूर्व सांसद त्रिलोक सिंह बाजवा, पूर्व एमएलसी वेद महाजन और पूर्व सचिव हुसैन अली वफा की मौजूदगी में इन नेताओं व कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ने की घोषणा की। पत्रकार वार्ता में वेद महाजन और हुसैन अली वफा और त्रिलोक सिंह बाजवा ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का अपमान किए जाने के विरोध में उन्होंने पीडीपी से त्यागपत्र दिया है।
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गुपकार अलायंस में फारूक को अध्यक्ष बनाने से भी खफा
बाजवा ने कहा कि पार्टी से ज्यादा अहम उनके लिए तिरंगे का सम्मान है। उन्होंने कहा मुफ्ती मोहम्मद सईद के नेतृत्व में पीडीपी की स्थापना हुई थी। सईद ने कभी तिरंगे का अपमान नहीं किया। मौजूदा कश्मीर केंद्रित नेतृत्व जम्मू के नेताओं को विश्वास में लिए बिना ही फैसला ले रहा है। वेद महाजन ने कहा, पीडीपी की स्थापना का मूल उद्देश्य नेशनल कांफ्रेंस के खिलाफ मजबूत धर्मनिरपेक्ष सियासी संगठन को खड़ा करना था, लेकिन गुपकार अलायंस में नेकां के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला को अध्यक्ष बना दिया गया है। उन्होंने इस अवसर पर केंद्र सरकार की तरफ से थोपे गए नए भूमि कानून की निंदा की और कहा सियासी कार्यकर्ता होने के नाते वह जन हित में जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ हो रहे अन्याय का विरोध करते रहेंगे।
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पार्टी छोड़ने वालों में सोहित शर्मा, शाम गुप्ता, मनोहर लाल, अब्दुल लतीफ, सुरेंद्र शान, योगेंद्र शर्मा, ओम प्रकाश, अनिल शर्मा, मनु मल्होत्रा, पुष्प शर्मा, रेणु, राम लाल, नरेंद्र शर्मा, गुरमीत बाजवा, शाम सिंह और बलदेव सिंह पप्पा शामिल हैं।
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पार्टी से हाल ही में त्यागपत्र देने वाले पूर्व सांसद त्रिलोक सिंह बाजवा, पूर्व एमएलसी वेद महाजन और पूर्व सचिव हुसैन अली वफा की मौजूदगी में इन नेताओं व कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ने की घोषणा की। पत्रकार वार्ता में वेद महाजन और हुसैन अली वफा और त्रिलोक सिंह बाजवा ने कहा कि पार्टी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का अपमान किए जाने के विरोध में उन्होंने पीडीपी से त्यागपत्र दिया है।
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गुपकार अलायंस में फारूक को अध्यक्ष बनाने से भी खफा
बाजवा ने कहा कि पार्टी से ज्यादा अहम उनके लिए तिरंगे का सम्मान है। उन्होंने कहा मुफ्ती मोहम्मद सईद के नेतृत्व में पीडीपी की स्थापना हुई थी। सईद ने कभी तिरंगे का अपमान नहीं किया। मौजूदा कश्मीर केंद्रित नेतृत्व जम्मू के नेताओं को विश्वास में लिए बिना ही फैसला ले रहा है। वेद महाजन ने कहा, पीडीपी की स्थापना का मूल उद्देश्य नेशनल कांफ्रेंस के खिलाफ मजबूत धर्मनिरपेक्ष सियासी संगठन को खड़ा करना था, लेकिन गुपकार अलायंस में नेकां के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला को अध्यक्ष बना दिया गया है। उन्होंने इस अवसर पर केंद्र सरकार की तरफ से थोपे गए नए भूमि कानून की निंदा की और कहा सियासी कार्यकर्ता होने के नाते वह जन हित में जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ हो रहे अन्याय का विरोध करते रहेंगे।