जब पैंथर्स पर बरसीं पुलिस की लाठियां
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कटड़ा-जम्मू रेलवे ट्रैक के लिए स्थानीय युवाओं को गैंगमैन में भर्ती करने की मांग को लेकर चक्क रखवाल स्टेशन पर ट्रेन रोकने जा रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हो गया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया।
वहीं भड़के प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे।
इस पथराव और लाठीचार्ज में एसपी खलील पोसवाल, रेंबल थाना प्रभारी ओपी चिब, विधायक बलवंत मनकोटिया के निजी सुरक्षा कर्मी समेत करीब एक दर्जन लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया।
डीटीएम को भी लोगों ने खदेड़ा
हंगामे के दौरान मौके पर पहुंचे डिविजनल ट्रैफिक मैनेजर (डीटीएम) आरएन मीना को भी लोगों ने खदेड़ दिया। डीटीएम ने बताया कि उनके पास लिखित में कोई मांग पत्र नहीं पहुंचा है। आला अधिकारियों को आंदोलन की सूचना दे दी गई है।
शनिवार की सुबह पैंथर्ज पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता जैसे ही चक्क रेलवे स्टेशन के नजदीक पहुंचे कि पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस पर देखते ही देखते मामला बिगड़ गया। पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इससे कई लोग घायल हो गए।
गंभीर रूप से घायल चार लोग विधायक के निजी सुरक्षा कर्मी (पीएसओ) रमेश चंद्र, राकेश कुमार निवासी नीली नाला, अंकुश निवासी चक्क और जसविंदर सिंह निवासी बटल बालियां को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अन्य घायलों को स्थानीय प्राइमरी हेल्थ सेंटर में भर्ती कराया गया।
गैंगमैन ने प्रदर्शनकारियों पर पत्थर फेंके
पैंथर्ज पार्टी के विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया ने पूरी घटना को साजिश करार दिया। उनके अनुसार लोग शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे।
कश्मीर के जो लोग उधमपुर-कटड़ा रेलवे ट्रैक पर गैंगमैन की नौकरी कर रहे हैं, उन्हीं ने प्रदर्शनकारियों पर पहले पत्थर फेंके।
पुलिस ने इन कार्यकर्ताओं की बात सुनने की बजाए लाठीचार्ज शुरू कर दिया और आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस ने कई लोगों को दुकानों में घुसकर भी पीटा।
उन्होंने कहा कि पुलिस ने कश्मीरी हुक्मरानों के कहने पर रोजगार मांग रही जनता की आवाज को दबाने का प्रयास किया है।