पीओजेके के रिफ्यूजियों ने निकाली रैली
जम्मू-कश्मीर पीओजेके रिफ्यूजी फ्रंट 1947, 1965, 1971 के झंडे तले रिफ्यूजियों ने शुक्रवार को प्रेस क्लब के बाहर संघर्ष रैली निकाली।
प्रदर्शनकारियों ने रियासती सरकार पर आरोप लगाया कि वह रिफ्यूजी विरोधी रवैया अपनाए हुए है। दशकों से फाइनल सेटलमेंट की प्रतीक्षा कर रहे रिफ्यूजियों की उपेक्षा की जा रही है।
फ्रंट के प्रधान रछपाल सिंह चिब ने कहा कि फाइनल सेटलमेंट के लिए कई बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर कुछ नहीं किया जाता है।
विधानसभा चुनाव में देंगे कड़ा जवाब
इससे रिफ्यूजी खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 के करीब 2000 पीओजेके रिफ्यूजी परिवारों का अभी तक पंजीकरण तक रियासती सरकार ने नहीं किया है।
राज्य सरकार की कश्मीर केंद्रित नीतियों की वजह से रिफ्यूजियों की उपेक्षा होती रही है और हो रही है। सिंह ने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार के आने से रिफ्यूजियों को उम्मीद है कि उनके मसलों का हल हो सकेगा, लेकिन इसके लिए रियासती सरकार को जरूरी कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर इस दिशा में जल्द उचित कदम न उठाये गए तो रिफ्यूजी विधानसभा चुनाव में ऐसे दलों को कड़ा जवाब देंगे जो उनको मसलों के हल में बाधा बन रहे हैं।