पढ़िए, जवानों से मिलकर क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिवाली मनाने के लिए दुनिया के सबसे ऊंचे युद्घक्षेत्र सियाचिन पहुंचे। वहां पहुंच कर उन्होंने जवानों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि आपके बीच आकर गौरव का अनुभव हुआ है और मैं बहुत खुश हूं। जवानों के साथ दिवाली मनाना गर्व की बात है और मैं यहां आप सभी के परिवार का प्रतिनिधि बनकर आया हूं।
मोदी ने कहा कि जवान काम के बाद भी सम्मान का जीवन जिए इसके लिए मैं प्रतिबद्ध हूं। उन्होंने यह भी कहा कि पूरा देश आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार है।
प्रधानमंत्री जवानों के साथ एक घंटे से भी ज्यादा वक्त तक साथ रहे। उन्होंने कहा कि बाढ़ के राहत कार्य में जवानों ने अपना शौर्य दिखाया। साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा कि पूरा देश चैन से इसीलिए सोता है क्योंकि आप जागते हैं।
मोदी ने दो दिन पूर्व ट्विटर पर अपनी कश्मीर यात्रा की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि वे दिवाली कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों के साथ मनाएंगे। गुरुवार को श्रीनगर की यात्रा से पहले सियाचिन रवाना होते हुए मोदी ने ट्विटर कहा कि जवानों से मिलना मेरे लिए फक्र की बात है। उन्होंने कहा,' सियाचीन के हालात से सभी वाकिफ हैं। हालांकि हमारे जवानों सभी चुनौती का सामना करते हुए मातृभूमि की रक्षा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चाहे ऊंचाई हो या हाड़ कंपा देने वाली ठंड, हमारे जवानों को कोई भी नहीं रोक सकता। हममें अपने जवानों पर गर्व है। सियाचिन में सेना के जवानों से मुलाकात के बाद मोदी ने एक बार फिर दीपावली की शुभकामना दी और लिखा, 'सियाचिन ग्लेशियर की बर्फीली ऊंचाइयों से, भारतीय सेना के वीरों के साथ, सभी देशवासियों को दीवाली की शुभकामनायें!'
सियाचिन ग्लेशियर की बर्फीली ऊंचाइयों से, भारतीय सेना के वीरों के साथ, सभी देशवासियों को दीवाली की शुभकामनायें !
— Narendra Modi (@narendramodi) October 23, 2014
मोदी के कश्मीर दौरे पर उठे सवाल
वहीं प्रधानमंत्री की यात्रा पर सवाल भी उठ रहे हैं। पीडीपी का कहना है कि बेहतर होता कि मोदी ईद पर आंसू पोछने यहां आए होते। तो विपक्ष कहीं ना कहीं इसे जम्मू-कश्मीर में जल्दी ही होने वाले विधानसभा चुनाव से भी जोड़ कर देख रहा है। मसला चाहे जो भी हो, लेकिन दिवाली पर दर्द में डूबे देश के हिस्से में प्रधानमंत्री की ये यात्रा वहां के बहुत से लोगों को सकून भी पहुंचा रहा है।
नेशनल कांफ्रेंस के नेता डा. मुस्तफा कमाल का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में किसी भी जगह कभी भी आ जा सकते है। उनका कहना है कि कश्मीर में बाढ़ पीड़ितों के साथ प्रधानमंत्री के दीवाली मनाने का फैसला स्वागत योग्य है।
उनका कहना है कि यहां तक नेशनल कांफ्रेंस का सवाल है तो पार्टी को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों को दीवाली को तोहफा देंगे।
प्रधानमंत्री को 44000 हजार करोड़ के पैकेज की घोषणा करनी चाहिए जिसकी की राज्य सरकार ने बाढ़ से हुए नुकसान के बाद राहत और पुनर्वास के लिए केंद्र से सिफारिश की हुई है।
उनका कहना है कि कश्मीर के साथ साथ प्रधानमंत्री को सीमांत इलाकों का दौरा भी करना चाहिए यहां पर पाकिस्तान की गोलाबारी की वजह से हजारों लोगों को पलायन करना पड़ा है।
पढ़िए, पीएम के श्रीनगर दौरे पर नेताओं ने क्या कहा?
नेशनल कांफ्रेस के नेता तारिक अनवर ने मोदी के कश्मीर दौरे पर कहा है कि प्रधानमंत्री की श्रीनगर यात्रा विधानसभा के चुनावों की तैयारी का एक हिस्सा है। यह यात्रा जम्मू कस्मीर के चुनावों को राजनैतिक तौर पर प्रभावित करेगी।
वहीं ऑल इंडिया इमाम एशोसिएशन के चीफ उमर इलियास ने कहा कि, प्रधानमंत्री का श्रीनगर में बाढ़ पीड़ितो के साथ दिवाली मनाना काबिले तारीफ है।
वहीं प्रधानमंत्री के दौरे पर श्रीनगर में अलगावदियों द्वारा किए गए बंद के जबाव में बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि ये बंद एक देश विरोधी गतिविधि को दर्शाता है।
बार्डर पर उपस्थिति जवानों का मनोबल बढ़ेगा
प्रधानमंत्री के इस दौरे पर उनके साथ पीएमओ मंत्री जितेंद्र सिंह, गृहसचिव अनिल गोस्वामी मौजूद है। वहीं मोदी इस यात्रा में बीएसएफ के आईजी पीएस संधू भी जुड़ गए हैं।
वहीं बीजेपी की महिला नेता मीनाक्षी लेखी ने कहा कि पीएम मोदी जी की बार्डर पर उपस्थिति सेना के जवानों का मनोबल बढ़ाएगा। वहीं एक और बीजेपी नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री का श्रीनगर दौरा से लोगों में यह मैसेज जाएगा कि वह इस कठिन समय में उनके साथ है।
प्रधानमंत्री इसके बाद राजभवन में बाढ़ पीड़ितों से मिलने श्रीनगर पहुंचेंगे।
सूत्र के अनुसार, 'वह स्थानीय व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल और सिविल
सोसायटी के सदस्यों से भी मुलाकात करेंगे।'