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PM Internship Scheme: इंटर्नशिप के मौके तो मिले, लेकिन युवाओं ने क्यों ठुकराए? जानिए जम्मू-कश्मीर की स्थिति

Wed, 23 Jul 2025 11:34 AM IST
निकिता गुप्ता गौरव रावत अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू
गौरव रावत अमर उजाला, नेटवर्क जम्मू Published by: निकिता गुप्ता Updated Wed, 23 Jul 2025 11:34 AM IST
सार

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम को जम्मू-कश्मीर में सीमित प्रतिक्रिया मिली है, जहां 1600 से अधिक ऑफर के बावजूद केवल 617 युवाओं ने इंटर्नशिप जॉइन की। उद्योगों की कमी, दूरी की दिक्कत और जागरूकता की कमी इस भागीदारी में बड़ी बाधा बनी है।
 

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PM internship scheme is stuck due to lack of industries and distance problem
पीएम इंटर्नशिप योजना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देशभर के युवाओं को काम का अनुभव देने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम (पीएमआईएस) को जम्मू-कश्मीर में खास प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है। पहले और दूसरे राउंड को मिलाकर प्रदेश के करीब 1600 युवाओं को इंटर्नशिप के ऑफर दिए गए, लेकिन इनमें से महज 617 युवाओं ने ही यह अवसर अपनाया। शेष युवाओं ने ऑफर को स्वीकार ही नहीं किया।

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यह जानकारी सोमवार को लोकसभा में एक सवाल के जवाब में कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय की ओर से दी गई। आंकड़ों के अनुसार, पहले राउंड में जम्मू-कश्मीर के 769 युवाओं को इंटर्नशिप के ऑफर मिले, जिनमें से सिर्फ 296 ने स्वीकार किए। दूसरे राउंड में 834 युवाओं को ऑफर दिए गए, इनमें से भी केवल 321 ने इंटर्नशिप शुरू की।
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पड़ोसी राज्यों से तुलना करें तो जम्मू-कश्मीर की स्थिति हिमाचल से बेहतर, लेकिन पंजाब से कमजोर रही है। हिमाचल प्रदेश में दोनों राउंड में 1,312 युवाओं को ऑफर दिए गए, जिनमें से 281 ने इंटर्नशिप जॉइन की। वहीं, पंजाब में 2,724 युवाओं को इंटर्नशिप ऑफर मिले। इनमें से 682 युवाओं ने ऑफर स्वीकार किए।

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जहां कंपनियां कम, वहां अवसर भी सीमित
कौशल विकास विभाग के निदेशक शहजाद आलम ने बताया कि प्रदेश में उद्योगों की संख्या सीमित है। यही कारण है कि इंटर्नशिप देने वाली कंपनियों की भागीदारी भी कम रही है। विभाग की कोशिश है कि जो कंपनियां पहले से मौजूद हैं, वे ज्यादा से ज्यादा युवाओं को इंटर्नशिप दें। इसके लिए औद्योगिक संगठनों से भी मदद लेने की तैयारी है।

इसके अलावा राज्य की भौगोलिक स्थिति भी एक बड़ी बाधा बनती है। मसलन, अगर जम्मू की किसी कंपनी ने कश्मीर के किसी युवा को ऑफर दिया, तो वह दूरी, आने-जाने की परेशानी और रहने की असुविधा के कारण इंटर्नशिप जॉइन करने से कतराता है।

‘युवा ऐप’ के जरिए जागरूकता फैलाने की कोशिश
निदेशक ने यह भी माना कि योजना को लेकर प्रदेश में अभी पर्याप्त जागरूकता नहीं है। हालांकि, विभाग की ओर से प्रचार-प्रसार के प्रयास लगातार जारी हैं। ‘युवा ऐप’ के माध्यम से स्कीम को युवाओं तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। अब तक 50 हजार से ज्यादा लोग यह ऐप डाउनलोड कर चुके हैं। विभाग का मानना है कि जैसे-जैसे जानकारी बढ़ेगी, युवाओं की भागीदारी में भी इजाफा होगा।

जानिए योजना क्या है और कौन कर सकता है आवेदन 
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम की घोषणा वर्ष 2024-25 के केंद्रीय बजट में की गई थी। इसका उद्देश्य अगले पांच वर्षों में देशभर के एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप का अवसर प्रदान करना है। इसके तहत एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है, जिस पर देशभर की कंपनियां अपने यहां उपलब्ध इंटर्नशिप के अवसरों की जानकारी देती हैं। युवा इस पोर्टल पर जाकर अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। 

इस योजना में वे युवा आवेदन कर सकते हैं जिनकी आयु 21 से 24 वर्ष के बीच है और जो फिलहाल न तो पढ़ाई कर रहे हैं और न ही किसी नौकरी में हैं। हाई स्कूल, इंटरमीडिएट, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए, बीसीए, बीफार्मा जैसे कोर्स पूरे कर चुके युवा इस स्कीम के लिए पात्र माने जाते हैं।

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