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अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की साजिश

Tue, 26 Apr 2016 11:19 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Tue, 26 Apr 2016 11:19 PM IST
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Plot to target the Amarnath Yatra
आतंकी - फोटो : Demo Pic.
घाटी में आतंकी घटनाओं में आई बौखलाए आतंकी संगठनों ने कश्मीरी युवाओं की एक बार फिर भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जुलाई में शुरू होने वाली श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान आतंकी बड़ी वारदात करने की साजिश कर रहे हैं।
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आतंकी संगठनों ने  शिक्षित एवं बेरोजगार युवाओं पर अपनी नजर रखी है। जेहाद के नाम पर गुमराह करने के अलावा मोटी रकम दिए जाने का भी प्रलोभन दिया जा रहा है। आतंकी संगठनों का मुख्य टारगेट अमरनाथ यात्रा है।
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बारामुला  से 18 अप्रैल को पकड़े गए हिजबुल मुजाहिदीन के लिए युवाओं को भर्ती करने वाले ओवर ग्राउंड वर्कर गुलाम मोहम्मद सोफी उर्फ जैनी बाबा के खुलासे के बाद खुफिया एजेंसियों की नींदें उड़ गई हैं।
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उसकी इंटेरोगेशन रिपोर्ट में सुुरक्षा एजेंसियों ने बताया कश्मीर में बड़े पैमाने में स्थानीय युवाओं को भर्ती करने का अभियान किया गया है। उसका काम भी युवाओं को भर्ती करने का था। लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन के स्लीपर सैल भी इस काम में सहयोग कर रहे हैं। 

सीमा पार से भी आतंकी घुसपैैठ करने की फिराक में

Plot to target the Amarnath Yatra
आतंकवादी - फोटो : Demo Pic.
कुपवाड़ा, अनंतनाग क्षेत्रों में सबसे अधिक सक्रियता की रिपोर्ट है। हिजबुल मुजाहिदीन की सक्रियता सबसे अधिक साउथ कश्मीर में जारी है। घाटी में पिछले कुछ वर्षों से आतंकी घटनाओं में कमी आई है। वर्ष 2008 से ही स्थानीय युवाओं को भर्ती करने का तेजी से अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां भर्ती कई बार रैकेट का भंडाफोड़ भी कर चुकी है।  

पिछले साल ही 15 युवाओं को हिजबुल ने भर्ती किया था। उनका विडियो भी जारी किया गया। इसके बाद से गुपचुप तरीके से युवाओं को आतंकवाद में शामिल करने का भर्ती अभियान जारी रहा। जैश ए मोहम्मद भी सक्रिय है और पीर पंचाल की रेंज में युवाओं की भर्ती कर रहा है। पिछले साल ही सांसद में रिपोर्ट पेश की गई थी कि घाटी में 68 युवाओं ने आतंकवाद का दामन थामा है।

सीमा पार से भी आतंकी घुसपैैठ करने की फिराक में है। घाटी में आतंकी संगठन अपनी मौजूदगी दर्शाने के लिए आतंकी वारदात करने की फिराक में है। सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार सक्रिय आतंकी संगठनों के शीर्ष कमांडरों के मारे जाने के बाद आतंकवाद कम हुआ है।

अब युवाओं की नई भर्ती करके उन्हें आतंकवाद में धकेलने की नई रणनीति के तहत आतंकी संगठन कार्य कर रहे हैं। इन युवाओं को आतंकवाद में भर्ती होने से कैसे रोका जाए। इसके लिए सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। एहतियात के तौैर पर पुलिस भी ऐसी गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। 
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