अब हरा-भरा नजर आएगा अमरनाथ यात्रा मार्ग
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श्री अमरनाथ यात्रा के दोनों मार्गों पर हरे-भरे पौधे और फलों से लदे पेड़ नजर आएंगे। श्राइन बोर्ड इसकी जिम्मेदारी लेगा और शुरुआत बालटाल से होगी। बालटाल के आसपास दस लाख पौधे लगाए जाएंगे।
इनमें फलदार पौधे भी शामिल होंगे, ताकि उन क्षेत्रों को बरसात के सीजन में बचाया जा सके, जिनकी मिट्टी खिसक जाने से लैंड स्लाइडिंग होती है। यह पौधे मिट्टी को बांध कर रखेंगे। उन क्षेत्रों में जुनिपर झाड़ियों को भी लगाया जाएगा, जहां मिट्टी का कटाव होता है। इसकी जानकारी राज्यपाल एनएन वोहरा ने रविवार को श्रीनगर में एक कार्यक्रम के दौरान दी।
मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद और राज्यपाल की मौजूदगी में पहलगाम के फ्रिसलैन में वनीकरण प्रोग्राम को लांच किया गया। इस कार्यक्रम में वनों की बिगड़ी पारिस्थितिकीय बहाली के ऊपर काम किया जाएगा।
श्राइन बोर्ड ने ली जिम्मेदारी
इसमें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप होगी, ताकि वनों के लिए पैदा हुए खतरे से निपटा जा सके। मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने वन मंत्री को इसके लिए एक नीति बनाने के लिए कहा, जिसमें श्राइन बोर्ड, विकास प्राधिकरण और वन विभाग को मिलकर शुरुआत करने के लिए बोला।
इस पर राज्यपाल ने बैठक में ही बोल दिया कि वह दस लाख पौधे लगाएंगे। दरअसल, मुफ्ती ने राज्यपाल से गुजारिश की थी कि अमरनाथ यात्रा के दौरान यात्रियों से यह अपील की जाए कि वह यात्रा के दौरान पौधरोपण करें।
इससे उनकी यात्रा अधिक मनोरंजित होगी। मुफ्ती ने कार्यक्रम में यह भी कहा कि जिन वन क्षेत्रों में इंसानों का दखल बढ़ा है, वहां पर ईको टूरिज्म को प्रमोट करें। वहीं वन मंत्री बाली भगत ने कहा कि वनों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।