शांति बंदूक से नहीं, वार्ता से संभव: सीएम मुफ्ती
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मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कहा कि शांति बंदूक से नहीं, बल्कि वार्ता से ही संभव है और उनकी सरकार रियासत के लोगों का सम्मान बहाल करने को प्रतिबद्ध है।
उन्होंने इस्लाम के पवित्र नाम पर कुछ लोगों की ओर से हिंसा फैलाए जाने को गलत ठहराते हुए कहा कि इस्लाम शांति का संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने अनंतनाग के राजकीय डिग्री कालेज में रविवार को दक्षिण कश्मीर खेल महोत्सव का उद्घाटन करने के बाद ये शब्द कहे।
मुफ्ती ने कहा कि हिंसा की वजह से सीरिया, इराक और यमन जैसे देशों से लोग भागकर अन्य देशों और यूरोप में शरण ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि न ग्रेनेड से न गोली से बात बनेगी बोली से। उन्होंने कहा कि साल 2002 में भी हालात को सुधारने के लिए उन्होंने एलओसी पर विश्वास बहाली के कदम उठाने के अलावा लोगों को बुनियादी सुविधाएं दीं।
अपने एजेंडे पर कायम हैं और काम करेंगे
उन्होंने कहा कि अब भी वह अपने एजेंडे पर कायम हैं और काम करेंगे। उन्होंने कहा कि क्रास एलओसी पर व्यापार और लोगों के आने-जाने के और रास्ते खोले जाने चाहिएं, ताकि विभाजित परिवारों के लोग आपस में मिल सकें। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य से वह उड़ी को स्मार्ट टाउन बनाएंगे और पुंछ में चक्का दा बाग का भी वह जल्द दौरा करेंगे।
उन्होंने कहा विधानसभा चुनाव के खंडित जनादेश के बाद उनके पास कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने का विकल्प भी था, लेकिन उन्होंने लोगों की आकांक्षाओं के अनुसार और जनादेश का सम्मान करते हुए भाजपा के साथ गठबंधन सरकार बनाई, ताकि रियासत में स्थायी सरकार बने और विकास की राह तेजी से जम्मू कश्मीर आगे बढ़े।
उनका कहना है कि केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं से रियासत को 6000 करोड़ का फंड मिला है और इसका पूरा प्रयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा केंद्रीय पैकेज मिलने से पूर्व राज्य सरकार विश्व बैंक की 1500 करोड़ की सहायता का प्रयोग विकास कार्यों में कर रही है।