बेग ने महबूबा को CM बनाने का पत्र गवर्नर को नहीं सौंपा था
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पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के दिन पीडीपी सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग की ओर से राज्यपाल को महबूबा मुफ्ती को नया मुख्यमंत्री बनाने का कोई पत्र नहीं सौंपा गया था।
इसका खुलासा आरटीआई कार्यकर्ता वेंकटेश नायक को केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से सौंपे गए जवाब में हुआ है। ज्ञात हो कि राज्यपाल ने मुफ्ती के निधन के बाद राष्ट्रपति भवन को रिपोर्ट भेजी थी।
राज्यपाल एनएन वोहरा की ओर से राष्ट्रपति कार्यालय को राज्यपाल शासन के संबंध में भेजी गई रिपोर्ट के हवाले से मंत्रालय ने जवाब दिया है। इसमें राज्यपाल ने कहा था कि सात जनवरी की शाम को जब वे श्रीनगर से लौट रहे थे तो सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग और महासचिव निजामुद्दीन भट उनसे एयरपोर्ट पर मिले।
महबूबा मुफ्ती को नया मुख्यमंत्री बनाए जाने संबंधी पार्टी का फैसला
बेग ने उन्हें बताया कि वे उनके नाम से संबोधित पार्टी का पत्र लेकर आए हैं। इसमें महबूबा मुफ्ती को नया मुख्यमंत्री बनाए जाने संबंधी पार्टी का फैसला है।
बेग ने विस्तारपूर्वक बताया कि वे यह पत्र उन्हें नहीं सौंप रहे हैं क्योंकि वे इसे दोबारा से जांच करने के साथ पूरी तरह आश्वस्त होना चाहते हैं कि सभी एमएलए इस फैसले से सहमत हैं कि नहीं।
राज्यपाल ने बेग तथा निजामुद्दीन को बताया था कि नए मुख्यमंत्री का शपथग्रहण आठ जनवरी तक हो जाना चाहिए। इसके लिए पीडीपी विधायक दल का प्रस्ताव जिसमें महबूबा को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला हुआ हो और भाजपा का सहमति पत्र भी चाहिए।
पीडीपी की दोहरी चाल
उन्होंने पीडीपी प्रतिनिधिमंडल को यह बताया था कि दोनों दस्तावेज प्राप्त होने पर शपथग्रहण समारोह आठ जनवरी को हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया था कि आठ जनवरी को दोपहर एक बजे तक पीडीपी तथा भाजपा दोनों ने सरकार गठन के संबंध में कोई जवाब नहीं भेजा।
समय सीमा का ख्याल करते हुए उन्होंने दोनों पार्टियों के अध्यक्ष को दोपहर डेढ़ बजे फैक्स भेजा। इसी दिन दोपहर बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव भी श्रीनगर पहुंचकर महबूबा से मिले और शोक संवेदना जताई।
सात जनवरी को श्रीनगर में भाजपा के निर्मल सिंह और पीडीपी के नईम अख्तर को नए मुख्यमंत्री के शपथग्रहण के लिए संवैधानिक जरूरतों तथा समय सीमा की जानकारी दी थी।