लोकसभा उपचुनाव: घाटी में खुलकर चुनाव प्रचार नहीं कर पा रहीं पार्टियां
कश्मीर के माहौल से लोकसभा उप चुनाव की दो सीटों पर पार्टियां खुलकर प्रचार अभियान नहीं कर पाई हैं। पार्टियों की कोशिश रही है कि ज्यादातर बयानबाजी से ही माहौल बनाया जाए। कोई बड़ी रैली या सभा का आयोजन करने से पार्टियां परहेज ही कर रही है।
छोटी छोटी रैलियों से ही प्रचार किया जा रहा है। किसी भी पार्टी के चुनाव प्रचार में हजारों लोगों की भीड़ नहीं दिखी है। पीडीपी अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में ज्यादातर चुनाव प्रचार पार्टी कार्यकर्ताओं का जिला स्तर पर अधिवेशन बुलाकर किया है।
इसी तरह कांग्रेस के राष्ट्रीय स्तर के नेताओं में गुलाम नबी आजाद भी घाटी में चुनाव प्रचार करने तो आए लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं को ही संबोधित किया गया। बाजार में बाहर निकलकर चुनाव प्रचार करने में हालात की वजह से एहतियात ही बरती जा रही है।
श्रीनगर और अनंतनाग सीटों पर होने हैं मतदान
नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष डा. फारूक अब्दुल्ला जोकि श्रीनगर लोकसभा सीट से नेकां व कांग्रेस के संयुक्त प्रत्याशी भी है वह भी छोटी छोटी रैलियों व बैठकों के माध्यम से ही प्रचार कर रही है। श्रीनगर सीट से पीडीपी प्रत्याशी भी ऐसा ही कर रहे है।
अनंतनाग लोकसभा सीट से कांग्रेस व नेकां के संयुक्त प्रत्याशी गुलाम अहमद मीर हो या फिर पीडीपी के प्रत्याशी तसद्दुक वह भी हालात के चलते खुलकर प्रचार अभियान करते नहीं दिख रहे है।
नाम न छापने की तर्ज पर सियासी दलों के नेताओं का कहना हैं कि कश्मीर में हालात इस तरह के नहीं यूपी व उत्तराखंड की तरह हजारों लोगों की रैलियां निकाली जाएं और लोगों की भीड़ स्वेच्छा से नेताओं को सुनने पहुंचे। इस हालात में भी पूरी कोशिश की जा रही लोकतंत्र के उत्सव में लोग मतदान करने पहुंचे इसके लिए हर पार्टी अपने स्तर पर प्रयास कर रही है।