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पाकिस्तानी फौज दे रही आतंकियों को स्नाइपर की ट्रेनिंग, सीमा पर सेना को बना रहे हैं निशाना
Thu, 24 Jan 2019 11:30 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Thu, 24 Jan 2019 11:30 AM IST
सार
- फारवर्ड पोस्टों पर पाक सैनिकों के साथ आतंकी भी बना रहे जवानों को निशाना
- पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां कर रही स्नाइपर राइफल मुहैया कराने की फंडिंग
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डेमो पिक्चर
- फोटो : फाइल
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विस्तार
एलओसी और इंटरनेशनल बार्डर पर पाकिस्तानी सैनिकों के साथ आतंकी भी भारतीय जवानों को स्नाइपर से निशाना बना रहे हैं। आतंकियों को पाकिस्तानी फौज के कैंपों में स्नाइपर चलाने की ट्रेनिंग तक दी जा रही है। हालांकि आतंकियों को स्नाइपर मुहैया कराने के लिए फंड पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई दे रही है।
जानकारी के अनुसार पाकिस्तानी सेना के कैंपों में लश्कर ए तैइबा के आतंकियों को स्नाइपर की ट्रेनिंग दी जा रही है। आतंकियों के पास यूएसए और आस्ट्रिया निर्मित स्नाइपर हैं। पुंछ, राजोरी, कुपवाड़ा, बारामुला की एलओसी, जम्मू, सांबा और कठुआ के बार्डर पर आतंकी घुसपैठ नहीं कर पा रहे। खासकर जम्मू संभाग में आतंकियों की घुसपैठ बहुत कम हुई है। इसे देखते हुए आतंकी पाकिस्तान की फारवर्ड पोस्टों तक पहुंचे हैं। वह पाकिस्तानी सैनिकों के साथ मिलकर भारतीय जवानों को टारगेट कर रहे हैं।
पीओके के कोटली में स्थित पाकिस्तानी सेना का कैंप हैं। यहां पर सबसे अधिक लश्कर ए तैइबा के आतंकी हैं। इन आतंकियों को स्नाइपर की ट्रेनिंग दी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि आईएसआई इसके लिए फंडिंग कर रही है। पाकिस्तानी सेना इनकी खरीद कर रही है और ट्रेनिंग देने के लिए आतंकियों को मुहैया करा रहे हैं। आतंकियों से फारवर्ड पोस्टों के अलावा अन्य हमले करने के लिए भी यह स्नाइपर दी जा रही है।
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जानकारी के अनुसार पाकिस्तानी सेना के कैंपों में लश्कर ए तैइबा के आतंकियों को स्नाइपर की ट्रेनिंग दी जा रही है। आतंकियों के पास यूएसए और आस्ट्रिया निर्मित स्नाइपर हैं। पुंछ, राजोरी, कुपवाड़ा, बारामुला की एलओसी, जम्मू, सांबा और कठुआ के बार्डर पर आतंकी घुसपैठ नहीं कर पा रहे। खासकर जम्मू संभाग में आतंकियों की घुसपैठ बहुत कम हुई है। इसे देखते हुए आतंकी पाकिस्तान की फारवर्ड पोस्टों तक पहुंचे हैं। वह पाकिस्तानी सैनिकों के साथ मिलकर भारतीय जवानों को टारगेट कर रहे हैं।
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पीओके के कोटली में स्थित पाकिस्तानी सेना का कैंप हैं। यहां पर सबसे अधिक लश्कर ए तैइबा के आतंकी हैं। इन आतंकियों को स्नाइपर की ट्रेनिंग दी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि आईएसआई इसके लिए फंडिंग कर रही है। पाकिस्तानी सेना इनकी खरीद कर रही है और ट्रेनिंग देने के लिए आतंकियों को मुहैया करा रहे हैं। आतंकियों से फारवर्ड पोस्टों के अलावा अन्य हमले करने के लिए भी यह स्नाइपर दी जा रही है।
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घुसपैठियों के पास स्नाइपर राइफल भी
अमूमन आतंकी घुसपैठ करते वक्त अपने साथ एके 56 और एके 47 लेकर आते हैं। लेकिन ताजा ट्रेंड यह है कि आतंकी अपने साथ स्नाइपर राइफल लेकर भी आ रहे हैं। यह 60 इंच लंबी है। वजन भी काफी कम है। इसमें पांच राउंड होते हैं। आतंकी घुसपैठ करने के बाद कम वजन के चलते इनको अपने साथ ला रहे हैं। कश्मीर में दो महीने पहले लश्कर के मारे गए तीन आतंकियों के पास से स्नाइपर राइफल भी मिली थी।