त्यौहार पर चाहकर भी घर नहीं लौट पा रहे सीमांतवासी
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सीमा पार से बरसाए गए गोलों के कारण अपने घरों से पलायन कर राहत शिविरों में आए लोग कहीं घर वापसी की राह देख रहे हैं तो कहीं कैंप को छोड़ लोग अपने घरों में जा चुके हैं और खेती बाड़ी में व्यस्त हैं।
पाकिस्तान की ओर से सीमा पर की गई गोलीबारी के कारण बड़ी संख्या में लोग कानाचक्क, सुई, लल्याल कैंप, दयोड़ा, चिनौर फार्म, चड़गाली आदि से पलायन कर सरकार की ओर से मढ़ हायर सेकेंडरी स्कूल और दोमाना हायर सेकेंडरी में बनाए गए राहत शिविरों आ गए थे।
सरकार की ओर से यहां पर उनके रहने और खाने का पूरा प्रबंध किया गया था। अब हालत यह है कि जमीनों में खड़ी फसलों और पशुओं की देख भाल के लिए मढ़ में बनाए गए राहत शिविर से लोग वापिस चले गए हैं।
मढ़ में बनाए गए राहत कैंप से लोग घरों को लौटे
जबकि दोमाना हायर सेकेंडरी स्कूल में ठहरे लोग अभी भी घर वापसी की राह देख रहे हैं। दोमाना में बनाए गए कैंप में बैठे लोगों के लिए सरकार की ओर से खाने आदि से लेकर मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गई है।
जबकि स्कूल में कैंप बनाए जाने के चलते वहां पर कक्षाएं नहीं चल पा रही हैं। जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई पर विपरीत असर पढ़ रहा है और पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
स्कूल के प्रिंसिपल अजीत शर्मा की ओर से स्थानीय मिडिल स्कूल में दसवीं और बाहरवीं की कक्षाओं को चलाया जा रहा है। स्कूल में जगह नहीं होने के कारण नौवीं और ग्यारवीं की कक्षाएं नहीं चल पा रही हैं।