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ग्रामीणों को फायरिंग से बचाएगी सेना की यह पहल

Sun, 19 Oct 2014 02:01 AM IST
Updated Sun, 19 Oct 2014 02:01 AM IST
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pak firing at indian border

पुंछ जिले के भारत-पाक नियंत्रण रेखा से सटे सावजियां क्षेत्र में पाक गोलाबारी शुरू होने पर सायरन बजने के बाद लोगों को खुद का बचाव करने के बारे में सैन्य अधिकारियों ने जानकारी दी।

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गौरतलब है कि भारत-पाक नियंत्रण रेखा पर पिछले कई दिनों से चल रही पाक सेना की गोलाबारी में ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोग लोग घायल हुए थे। गोलाबारी से लोगों को सावधान करने के लिए सावजियंा क्षेत्र में तैनात सेना की 40 राष्ट्रीय राइफल ने कार्य करना शुरू कर दिया है।
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इस पर अमल करने से आने वाले दिनों में पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी किए जाने पर नियंत्रण रेखा के पास सब्जियां क्षेत्र में बसने वाले ग्रामीणों का कम से कम नुकसान होगा। सेना ने नियंत्रण रेखा के आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर सायरन लगाए हैं।
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सायरन बजते ही सुरक्षित स्‍थान पर पहुंचेंगे ग्रामीण

pak firing at indian border

इन्हें पाक सेना द्वारा गोलाबारी शुरू करते ही अथवा गोलाबारी के पूर्व पाक सेना की अग्रिम चौकियों पर होने वाली हरकत को देखते ही बजाना शुरू कर दिया जाएगा।

सायरन बजते ही ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों में पनाह लेने अथवा आड़ में छुप जाना होगा। इससे लोगों के घायल होने की आशंका कम हो जाएगी।

प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे इम्तियाज बांडे, कबीर अहमद, अब्दुल रजाक आदि ने बताया कि सेना के अधिकारियों ने उनको सायरन बजने पर सुरक्षित स्थानों पर छुप जाने के लिए तरह-तरह के उपाय बताए हैं। उन्होंने सेना को इसके लिए आभार जताया है।

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