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युद्ध जैसे हालात और 'सरकार' की ये खामोशी

Tue, 26 Aug 2014 02:31 AM IST
Updated Tue, 26 Aug 2014 02:31 AM IST
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pak firing at border

पाकिस्तान की ओर से जम्मू के सीमांत क्षेत्रों में लगातार की जा रही गोलाबारी से जहां सीमा के निकट रहने वाले दर्जनों गांवों के हजारों लोग त्रस्त हैं वहीं घाटी में माहौल तनावपूर्ण भी बना हुआ है। पाक की नापाक हरकत पर हर आम और खास गुस्से में है और राजनीतिक खेमे में जबरदस्त हलचल है, लेकिन इस माहौल में रियासत के मुख्यमंत्री की चुप्पी हर किसी को साल रही है।

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न मुख्यमंत्री उमर खुद अभी तक सीमा पर हालात का जायजा लेने आए न ही घटनाक्रम पर कोई संजीदा बयान दिया। दो दिन पहले उनकी टिप्पणी आई भी तो उसमें मौजूद हालात पर संवेदना कम केन्द्र सरकार पर कटाक्ष ज्यादा दिखा।
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हालांकि बीते दिनों में उनके एक दो मंत्री जरूर सीमांत निवासियों के मरहम सहलाते नजर आए। राजनीतिक जानकारों की मानें तो उमर की यह चुप्पी यूं ही नहीं है, इसके पीछे भी खास निहितार्थ हैं।
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हर मुद्दे पर ट्विट करने वाले उमर गोलाबारी पर चुप

pak firing at border

सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहने वाले और हर छोटे बड़े मुद्दे पर ट्विट करके अपनी प्रतिक्रिया देने वाले उमर मौजूदा हालात पर कुछ बोलने से भी कतरा रहे हैं।

जबकि युद्ध जैसे हालातों की विभिषिका झेल रही सीमा से लगते जम्‍मू संभाग के क्षेत्र की जनता इस समय सबसे ज्यादा उनकी तरफ ही उम्‍मीद भरी निगाहों से देख रही है। लेकिन अभी तक भी उमर ने एक बार ‌भी न जम्‍मू का दौरा किया न ही सीमांत क्षेत्र का।

जबकि रियासत का मुख्यमंत्री होने के नाते यह उनकी यह पहली जिम्मेदारी थी कि वो सीमा पर जुटे जवानों का हौसला बढ़ाने के साथ ही अपनी जनता के जख्मों पर मरहम लगाते।

लगते रहे हैं जम्‍मू संभाग से बेरुखी के आरोप

pak firing at border

हालांकि अब उनके आने की उम्‍मीद और कम दिखाई दे रही है क्योंकि सोमवार से अगले कुछ दिनों तक वो विधानसभा सत्र में बिजी रहेंगे, ऐसे में उनके पास न आने का एक कारण अब यह भी हो सकता है।

हालांकि विरोधी दल पहले भी उन पर जम्‍मू संभाग को लेकर उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाते रहे हैं, सोमवार को बातों बातों में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी इस बात के लिए उन पर तंज कस गए। लेकिन इस बार की चुप्पी कुछ और ही निहितार्थ बयां करती है।
 
बहरहाल मामला चाहे जो भी हो लेकिन युद्ध जैसे हालातों में एक मुख्यमंत्री की अपने राज्य की जनता के प्रति इस कदर बेरुखी हर किसी को साल रही है।

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