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अप्रैल तक तवी नदी में कृत्रिम झील के निर्माण का निर्देश
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जम्मू। मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने अप्रैल, 2022 तक जम्मू में तवी नदी पर कृत्रिम झील का निर्माण करने के निर्देश जारी किए हैं। जम्मू में बुधवार को संबंधित प्रशासनिक सचिवों के साथ तवी रिवर डेवलपमेंट फ्रंट परियोजना और भारत नेट के तहत ग्रामीण क्षेत्र में इंटरनेट कनेक्टिविटी में हुई प्रगति की समीक्षा बैठक में दिशानिर्देश जारी किए हैं।
मुख्य सचिव ने इस अवसर पर शहरी और आवास विकास विभाग को सलाह दी कि वह भगवती नगर पुल से लेकर गुज्जर नगर पुल तक कृत्रिम झील का विस्तार करे। उन्होंने कहा कि निर्माण करो और प्रयोग करो के माडल पर रिवर तवी फ्रंट पर सुविधाओ का निर्माण किया जाए, ताकि लोगों को परियोजना के पूरी होने तक का इंतजार न करना पड़े।
उन्होंने तवी रिवर डेवलपमेंट परियोजना का ठेका आवंटित करने की प्रक्रिया दिसंबर, 2021 तक पूरी कर लेने के निर्देश देते हुए कहा कि अगले एक से डेढ़ साल में परियोजना को पूरी करने के अलावा योजनाबद्ध तरीके से व्यवसायिक केंद्र भी तैयार हो जाने चाहिए। इससे पूर्व शहरी और आवास विकास विभाग के प्रधान सचिव धीरज गुप्ता ने मुख्य सचिव को जानकारी दी कि तवी रिवर फ्रंट परियोजना के पहले चरण में भगवती नगर पुल से बिक्रम चौक पुल तक का कार्य पूरा किया जाएगा। बिक्रम चौक के आगे का हिस्सा दूसरे चरण में पूरा किया जाएगा। उन्हे बताया गया कि परियोजना के पहले चरण के निर्माण कार्र्य पर 194 करोड़ की राशि खर्च होगी और इसके लिए आगामी कुछ दिनो में टेंडर जारी कर दिया जाएगा।
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वहीं, मुख्य सचिव ने ग्रामीण क्षेत्रों में भारत ब्रांडबैंड स्कीम के माध्यम से इंटरनेट कनेक्टिविटी देने में हुई प्रगति की भी समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि 14 ब्लॉक मुख्यालयों और 408 ग्राम पंचायतों में इंटरनेट कनेक्टिविटी दे दी गई हैं। 658 ग्राम पंचायतों में वीसेट के मध्य से कनेक्टिविटी दी है। दूसरे चरण में 3195 ग्राम पंचायतों को इंटरनेट कनेक्टिविटी मुहैया करवाई जाएगी। मुख्य सचिव ने ग्रामीण विकास विभाग के प्रशासनिक सचिव से कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जिन ग्राम पंचायतों व ब्लाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी दी गई हैं वह निर्वाध रूप से जारी रहे। सूचना और तकनीकी विभाग को निर्देश दिए कि वह आपकी की जमीन आपकी निगरानी कवायद के तहत राजस्व रिकार्ड को इंटरनेट कनेक्टिविटी वाली ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक करें।
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मुख्य सचिव ने इस अवसर पर शहरी और आवास विकास विभाग को सलाह दी कि वह भगवती नगर पुल से लेकर गुज्जर नगर पुल तक कृत्रिम झील का विस्तार करे। उन्होंने कहा कि निर्माण करो और प्रयोग करो के माडल पर रिवर तवी फ्रंट पर सुविधाओ का निर्माण किया जाए, ताकि लोगों को परियोजना के पूरी होने तक का इंतजार न करना पड़े।
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उन्होंने तवी रिवर डेवलपमेंट परियोजना का ठेका आवंटित करने की प्रक्रिया दिसंबर, 2021 तक पूरी कर लेने के निर्देश देते हुए कहा कि अगले एक से डेढ़ साल में परियोजना को पूरी करने के अलावा योजनाबद्ध तरीके से व्यवसायिक केंद्र भी तैयार हो जाने चाहिए। इससे पूर्व शहरी और आवास विकास विभाग के प्रधान सचिव धीरज गुप्ता ने मुख्य सचिव को जानकारी दी कि तवी रिवर फ्रंट परियोजना के पहले चरण में भगवती नगर पुल से बिक्रम चौक पुल तक का कार्य पूरा किया जाएगा। बिक्रम चौक के आगे का हिस्सा दूसरे चरण में पूरा किया जाएगा। उन्हे बताया गया कि परियोजना के पहले चरण के निर्माण कार्र्य पर 194 करोड़ की राशि खर्च होगी और इसके लिए आगामी कुछ दिनो में टेंडर जारी कर दिया जाएगा।
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वहीं, मुख्य सचिव ने ग्रामीण क्षेत्रों में भारत ब्रांडबैंड स्कीम के माध्यम से इंटरनेट कनेक्टिविटी देने में हुई प्रगति की भी समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि 14 ब्लॉक मुख्यालयों और 408 ग्राम पंचायतों में इंटरनेट कनेक्टिविटी दे दी गई हैं। 658 ग्राम पंचायतों में वीसेट के मध्य से कनेक्टिविटी दी है। दूसरे चरण में 3195 ग्राम पंचायतों को इंटरनेट कनेक्टिविटी मुहैया करवाई जाएगी। मुख्य सचिव ने ग्रामीण विकास विभाग के प्रशासनिक सचिव से कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि जिन ग्राम पंचायतों व ब्लाकों में इंटरनेट कनेक्टिविटी दी गई हैं वह निर्वाध रूप से जारी रहे। सूचना और तकनीकी विभाग को निर्देश दिए कि वह आपकी की जमीन आपकी निगरानी कवायद के तहत राजस्व रिकार्ड को इंटरनेट कनेक्टिविटी वाली ग्राम पंचायतों में सार्वजनिक करें।