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Jammu News: जांबाज प्रहरी...पैर खोया, स्पिलिंटर मुंह के आरपार हुआ, पर दुश्मन को पस्त करके माने
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ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अदम्य साहस व वीरता दिखाने वाले बीएसएफ जवानों ने साझा किए अनुभव
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रथम पंक्ति के प्रहरियों ने अदम्य साहस व वीरता का प्रदर्शन किया। पाकिस्तानी सेना से दो-दो हाथ किए, बलिदान भी हुए। कुछ ने अपने अंग गंवाए पर तब तक डटे रहे, जब तक दुश्मन को पस्त नहीं कर दिया। पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया और उसे ऐसी क्षति पहुंचाई कि वह दोबारा दुस्साहस नहीं करेगा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सुंदरबनी सेक्टर में तैनात सब इंस्पेक्टर व्यासदेव, कांस्टेबल भूपेंद्र बाजपेयी, एएसआई राज्जपा बीटी, कांस्टेबल बृजमोहन यादव और एके सिन्हा ने कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। किसी ने अपनी टांग गंवाई तो किसी के मुंह पर स्पिलिंटर लगा था। बावजूद इसके जवानों के जोश में कोई कमी नहीं थी। बीएसएफ फ्रंटियर जम्मू में शनिवार को बीएसएफ ने प्रेसवार्ता आयोजित की। इसमें वीर जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान के अपने अनुभव साझा किए।
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सेवानिवृत्ति से छह महीने पहले सब इंस्पेक्टर
व्यास देव ने दुश्मन से लड़ते गवाईं टांग
बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर व्यासदेव ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सुंदरबनी सेक्टर में अग्रिम चौकी पर तैनात थे। नौ मई की रात करीब 9:30 बजे पाकिस्तान ने भीषण गोलाबारी की। इसका बीएसएफ ने करारा जवाब दिया। पाकिस्तान ने मोर्टार से हमला किया, व्यास देव इसकी चपेट में आ गए। घायल होने पर भी उन्होंने दुश्मन पर हमला जारी रखा। उन्होंने कहा कि देश के लिए जान न्योछावर करने को तैयार हूं। 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो रहा हूं और छह महीने पहले टांग गंवाने का कोई गम नहीं। हर सैनिक का सपना होता है कि इस तरह के ऑपरेशन का हिस्सा बने। मरे लिए यह गर्व की बात है। सेवानिवृत्त के बाद भी सेवाएं देने को तैयार हूं।
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मुंह पर जख्म मेरे लिए पदक, दुश्मन
को हर मोर्चे पर किया विफल
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ जवान बृजमोहन यादव अग्रिम चौकी पर तैनात थे। नौ मई को पाकिस्तान के साथ दो-दो हाथ करते हुए गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके मुंह पर स्पिलिंटर आरपार हो गया, लेकिन घायल अवस्था में भी उन्होंने दुश्मन के मोर्चे को तबाह किया। बृजमोहन ने कहा कि चेहरे पर जख्म मेरे लिए पदक है। मैं जब इन जख्मों को देखता हूं तो मुझे याद आता है कि देश की उस फोर्स का हिस्सा हूं, जो प्रथम प्रहारी है। हमने पाकिस्तान के हर हमले को नाकाम किया। कई ड्रोन नष्ट किए। बंकर तबाह किए। घायल होने के बाद भी जोश कम नहीं हुआ। खून ज्यादा बहने से अचेत हो गया, उसके बाद अस्पताल में होश आया। दोबारा ऑपरेशन सिंदूर हुआ तो उसी ताकत से दुश्मन पर वार करूंगा।
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अस्पताल से इलाज के बाद अब
स्वस्थ हूं, फिर मोर्चे पर जाऊंगा
बीएसएफ के एएसआई राज्जपा बीटी अग्रिम चौकी पर तैनात थे। दुश्मन से लोहा लेते हुए वह गंभीर रूप से घायल हुए। घायल अवस्था में भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। पाकिस्तान के हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया। सीमापार से कभी ड्रोन, कभी आरटी तो कभी मोर्टार से हमले हुए, जिसे जवानों ने नाकाम किया। राज्जपा ने बताया कि ड्रोन से गिरे बम के स्पिलिंटर टांगों और शरीर के अन्य हिस्सों पर लगे। घायल होने पर भी हिम्मत नहीं टूटी। पाकिस्तान के कई बंकर तबाह किए। पाकिस्तानी रेंजर बंकर छोड़ते दिखे। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की जो हालात हुई है वह दोबारा कभी ऐसी हिमाकत नहीं करेगा। जब तक हम सीमा पर खड़े देश का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। उन्होंने कहा कि घायल होने के बाद अब अस्पताल से स्वास्थ्य होकर लौटा हूं। दोबारा अपनी ड्यूटी पर जाऊंगा। दुश्मन को हर मोर्चे पर विफल करना बीएसएफ का पहला कर्तव्य है।
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पाकिस्तान हमेशा नापाक हरकत
करता है, हम 24 घंटे तैयार रहते हैं
बीएसएफ जवान भूपेंद्र बाजपेयी भी सुंदरबनी सेक्टर में अग्रिम चौकी पर तैनात थे। नौ मई की रात को पाकिस्तान ने बीएसएफ की चौकियों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। इस हमले में भूपेंद्र के टांगों और कमर पर गंभीर चोटें आईं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हमेशा नापाक हरकत करता है। दुश्मन के हर हमले काे नाकाम करने के लिए हम 24 घंटे तैयार रहते हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को जो जवाब मिला, उसके बाद पता था कि वह हमला करेगा। नौ मई को पाकिस्तान ने वही किया, जिसके लिए हम तैयार थे। पाकिस्तान का एक ड्रोन चौकी के ऊपर मंडरा रहा था। उसे तो नष्ट किया, लेकिन उसके बाद एक और ड्रोन आया, जिसे नष्ट करते समय एक बम नीचे गिरा, जिसकी चपेट में आकर वह घायल हो गए। जवान ने कहा, अब मैं स्वस्थ हूं, दुश्मन के साथ दो-दो हाथ करने के लिए तैयार हूं।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान प्रथम पंक्ति के प्रहरियों ने अदम्य साहस व वीरता का प्रदर्शन किया। पाकिस्तानी सेना से दो-दो हाथ किए, बलिदान भी हुए। कुछ ने अपने अंग गंवाए पर तब तक डटे रहे, जब तक दुश्मन को पस्त नहीं कर दिया। पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया और उसे ऐसी क्षति पहुंचाई कि वह दोबारा दुस्साहस नहीं करेगा। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सुंदरबनी सेक्टर में तैनात सब इंस्पेक्टर व्यासदेव, कांस्टेबल भूपेंद्र बाजपेयी, एएसआई राज्जपा बीटी, कांस्टेबल बृजमोहन यादव और एके सिन्हा ने कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। किसी ने अपनी टांग गंवाई तो किसी के मुंह पर स्पिलिंटर लगा था। बावजूद इसके जवानों के जोश में कोई कमी नहीं थी। बीएसएफ फ्रंटियर जम्मू में शनिवार को बीएसएफ ने प्रेसवार्ता आयोजित की। इसमें वीर जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान के अपने अनुभव साझा किए।
सेवानिवृत्ति से छह महीने पहले सब इंस्पेक्टर
व्यास देव ने दुश्मन से लड़ते गवाईं टांग
बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर व्यासदेव ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सुंदरबनी सेक्टर में अग्रिम चौकी पर तैनात थे। नौ मई की रात करीब 9:30 बजे पाकिस्तान ने भीषण गोलाबारी की। इसका बीएसएफ ने करारा जवाब दिया। पाकिस्तान ने मोर्टार से हमला किया, व्यास देव इसकी चपेट में आ गए। घायल होने पर भी उन्होंने दुश्मन पर हमला जारी रखा। उन्होंने कहा कि देश के लिए जान न्योछावर करने को तैयार हूं। 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो रहा हूं और छह महीने पहले टांग गंवाने का कोई गम नहीं। हर सैनिक का सपना होता है कि इस तरह के ऑपरेशन का हिस्सा बने। मरे लिए यह गर्व की बात है। सेवानिवृत्त के बाद भी सेवाएं देने को तैयार हूं।
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मुंह पर जख्म मेरे लिए पदक, दुश्मन
को हर मोर्चे पर किया विफल
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बीएसएफ जवान बृजमोहन यादव अग्रिम चौकी पर तैनात थे। नौ मई को पाकिस्तान के साथ दो-दो हाथ करते हुए गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके मुंह पर स्पिलिंटर आरपार हो गया, लेकिन घायल अवस्था में भी उन्होंने दुश्मन के मोर्चे को तबाह किया। बृजमोहन ने कहा कि चेहरे पर जख्म मेरे लिए पदक है। मैं जब इन जख्मों को देखता हूं तो मुझे याद आता है कि देश की उस फोर्स का हिस्सा हूं, जो प्रथम प्रहारी है। हमने पाकिस्तान के हर हमले को नाकाम किया। कई ड्रोन नष्ट किए। बंकर तबाह किए। घायल होने के बाद भी जोश कम नहीं हुआ। खून ज्यादा बहने से अचेत हो गया, उसके बाद अस्पताल में होश आया। दोबारा ऑपरेशन सिंदूर हुआ तो उसी ताकत से दुश्मन पर वार करूंगा।
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अस्पताल से इलाज के बाद अब
स्वस्थ हूं, फिर मोर्चे पर जाऊंगा
बीएसएफ के एएसआई राज्जपा बीटी अग्रिम चौकी पर तैनात थे। दुश्मन से लोहा लेते हुए वह गंभीर रूप से घायल हुए। घायल अवस्था में भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। पाकिस्तान के हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया। सीमापार से कभी ड्रोन, कभी आरटी तो कभी मोर्टार से हमले हुए, जिसे जवानों ने नाकाम किया। राज्जपा ने बताया कि ड्रोन से गिरे बम के स्पिलिंटर टांगों और शरीर के अन्य हिस्सों पर लगे। घायल होने पर भी हिम्मत नहीं टूटी। पाकिस्तान के कई बंकर तबाह किए। पाकिस्तानी रेंजर बंकर छोड़ते दिखे। ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की जो हालात हुई है वह दोबारा कभी ऐसी हिमाकत नहीं करेगा। जब तक हम सीमा पर खड़े देश का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। उन्होंने कहा कि घायल होने के बाद अब अस्पताल से स्वास्थ्य होकर लौटा हूं। दोबारा अपनी ड्यूटी पर जाऊंगा। दुश्मन को हर मोर्चे पर विफल करना बीएसएफ का पहला कर्तव्य है।
पाकिस्तान हमेशा नापाक हरकत
करता है, हम 24 घंटे तैयार रहते हैं
बीएसएफ जवान भूपेंद्र बाजपेयी भी सुंदरबनी सेक्टर में अग्रिम चौकी पर तैनात थे। नौ मई की रात को पाकिस्तान ने बीएसएफ की चौकियों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। इस हमले में भूपेंद्र के टांगों और कमर पर गंभीर चोटें आईं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हमेशा नापाक हरकत करता है। दुश्मन के हर हमले काे नाकाम करने के लिए हम 24 घंटे तैयार रहते हैं। पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को जो जवाब मिला, उसके बाद पता था कि वह हमला करेगा। नौ मई को पाकिस्तान ने वही किया, जिसके लिए हम तैयार थे। पाकिस्तान का एक ड्रोन चौकी के ऊपर मंडरा रहा था। उसे तो नष्ट किया, लेकिन उसके बाद एक और ड्रोन आया, जिसे नष्ट करते समय एक बम नीचे गिरा, जिसकी चपेट में आकर वह घायल हो गए। जवान ने कहा, अब मैं स्वस्थ हूं, दुश्मन के साथ दो-दो हाथ करने के लिए तैयार हूं।