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धारा 370 खत्म करने का फैसला केवल संसद ले सकती है: SC

Sat, 31 Oct 2015 02:25 PM IST
Updated Sat, 31 Oct 2015 02:25 PM IST
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only parliament can scrap article 370: SC

जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट द्वारा पिछले दिनों जम्मू कश्मीर के लिए धारा 370 को 'स्थाई' बताने और इसमें किसी संशोधन नहीं होने का फैसला देने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केवल संसद ही धारा 370 को निकाल या खत्म करने पर विचार कर सकती है।

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संसद ही जम्मू कश्मीर के विशेष राज्य के दर्जे  को बरकरार रख सकती है या फिर उसे समाप्त कर सकती है संविधान से धारा 370 को हटाने वाली याचिका की सुनवाई से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एच एल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अदालत इस तरह के दिशा निर्देश जारी नहीं कर सकती।
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मुख्य न्यायाधीश एच एल दत्तू ने याचिका को रद्द करते हुए कहा कि क्या हम संसद से कह सकते हैं कि वह इस धारा को निकाल दे। यह कोर्ट का काम नहीं है। पीठ में जस्टिस अमिताव रॉय भी शामिल थे।
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कोर्ट ने नए स‌िरे से याच‌िका दाख‌‌िल करने को कहा

only parliament can scrap article 370: SC

धारा 370 के रद्द संबंधी  याचिका आंध्र प्रदेश के वकील बीपी यादव ने दाखिल की थी। याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट को दखल देने की जरूरत है। याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की थी कि सभी अधिनियमों से जम्मू कश्मीर में भी राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में लागू होने वाले कानून लागू हों।

सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज करते हुए कहा है कि हम ऐसे प्रावधान को तो हटा सकते हैं लेक‌िन यह असंवैधानिक होगा।  जम्मू कश्मीर से धारा 370 को केवल संसद ही हटा सकती है। हालांकि कोर्ट ने कहा कि इस मामले को वे अगर आगे ले जाना चाहते हैं तो नए सिरे से याचिका दायर करे।

दरअसल अनुच्छेद 370 को लेकर जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट ने 9 अक्तूबर को एक महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि राज्य को विशेष दर्जा देने वाले संविधान का अनुच्छेद 370 स्थायी है, इसलिए इसमें संशोधन या फिर इसे रद्द करना या हटाया जाना संभव नहीं है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 35ए राज्य में लागू मौजूदा कानूनों को संरक्षण प्रदान करता है। इसके बाद से सियासत गर्म है।

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