J&K: अब नहीं चलेगी मनमानी! जम्मू-कश्मीर में स्कूलों के लिए NCERT किताबें अनिवार्य, नियम तोड़े तो मान्यता रद्द
जम्मू-कश्मीर में फीस फिक्सेशन एंड रेगुलेशन कमेटी ने निर्देश दिया है कि स्कूलों में पढ़ाई के लिए केवल एनसीईआरटी की किताबें ही मान्य होंगी और महंगी अतिरिक्त किताबें थोपने पर कार्रवाई होगी।
विस्तार
फीस फिक्सेशन एंड रेगुलेशन कमेटी (एफएफआरसी) ने सभी स्कूलों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसमें साफ ताैर पर कहा गया है कि प्रदेश में सीबीएसई और जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड के नियमों के अनुसार पढ़ाई के लिए सिर्फ एनसीईआरटी की किताबें ही मान्य हैं। यदि कोई स्कूल अतिरिक्त या महंगी किताबें थोपता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कमेटी ने ये महत्वपूर्ण कदम निजी स्कूलों की ओर से विद्यार्थियों और अभिभावकों को महंगी किताबें खरीदने का दबाव बनाने की शिकायतों पर उठाया है। शिकायतें मिली थीं कि कुछ स्कूल 3,500 रुपये तक की किताबें खरीदवा रहे हैं। कई मामलों में स्कूल प्रबंधन और प्रकाशक में गठजोड़ भी सामने आया है। इसे संज्ञान में लेते हुए कमेटी ने दिशा-निर्देश दिए हैं कि अभिभावकों को निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। यह कानून के खिलाफ है।
रद्द हो सकती है स्कूल की मान्यता : कमेटी ने अभिभावकों से अपील की है कि यदि कोई भी स्कूल किसी तरह का दबाव बनाता है तो एफएफआरसी में शिकायत दर्ज करवाएं। कमेटी ने सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे नियमों का पालन करें और कमेटी को लिखित में दें कि वे आदेशों का पालन कर रहे हैं। नियमों की अवहेलना पर सख्त कार्रवाई होगी। स्कूल की मान्यता भी रद्द की जा सकती है।
दावा : हर साल उठता है मुद्दा पर नहीं होती ठोस कार्रवाई
अभिभावक संघ के अध्यक्ष अमित कपूर ने कहा कि महंगी किताबों और फीस को लेकर शिकायतें हर साल सामने आती हैं। नियम और कमेटियां तो बनाई गई हैं लेकिन असर जमीन पर सीमित ही दिखता है। केवल सर्कुलर जारी करने से स्थिति नहीं बदलेगी। लगातार निगरानी, शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई और नियम न मानने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कदम उठाना जरूरी है।