जम्मू-कश्मीरः सियासी रण में भाजपा अकेले ही भर रही दम, अन्य किसी दल से नहीं भरा गया नामांकन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रमुख विपक्षी दलों के बहिष्कार के साथ राज्य में ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल (बीडीसी) चुनाव के लिए भाजपा अकेले मैदान में है। लगभग सभी ब्लाकों में प्रत्याशी उतारने वाली भाजपा एकमात्र पार्टी है। इसके लिए पार्टी स्तर पर सूची भी जारी की गई है। प्रमुख विपक्षी दलों में कांग्रेस ने नामांकन के आखिरी दिन बुधवार को चुनाव बहिष्कार का एलान किया।
हालांकि पार्टी ने पहले चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। लेकिन जमीनी स्तर पर हालात का हवाला देकर आखिरी मौके पर कांग्रेस ने चुनाव मैदान छोड़ दिया। क्षेत्रीय दलों में नेकां और पीडीपी के शीर्ष नेताओं पर अभी भी पाबंदियां होने से आधिकारिक तौर पर दोनों दलों से किसी उम्मीदवार ने नामांकन नहीं भरा। प्रमुख दलों के बाहर होने से इन दलों से जुड़े कई लोगों के पार्टी के झंडे के बिना अपने स्तर पर नामांकन भरने की सूचना है। भाजपा ने अपने 280 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी।
सरकार एकतरफा चुनाव करवा रही: पीडपी
इन परिस्थितियों में चुनाव में शामिल होना संभव नहीं: नेकां
नेकां के प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा का कहना है कि पार्टी अध्यक्ष व सांसद डॉ. फारूक अब्दुल्ला पीएसए के तहत नजरबंद हैं और कार्यकारी प्रधान उमर अब्दुल्ला पर पाबंदियां जारी हैं। ऐसे में चुनाव पर फैसला कैसे लिया जा सकता है। सरकार को चुनाव करवाने से पहले पाबंदियों को हटाकर राजनीतिक दलों के नेताओं को लोगों के बीच जाने का मौका देना चाहिए था। कश्मीर में मोबाइल, टेलीफोन बंद होने से पार्टी नेताओं के साथ कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
सरकार एकतरफा चुनाव करवा रही: पीडपी
पीडीपी के वरिष्ठ नेता वेद महाजन का कहना है कि पार्टी अध्यक्ष को नजरबंद किया गया है। उनके साथ अन्य शीर्ष नेताओं पर भी पाबंदियां जारी है। जिससे उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है। सरकार एकतरफा चुनाव करवा रही है। इसमें विपक्ष की कोई भागीदारी नहीं है। यह चुनाव लोकतंत्र के खिलाफ हैं।