बाढ़ के बाद केंद्र को बड़ा झटका देगी उमर सरकार
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बाढ़ आपदा से हुए नुकसान के आकलन के बाद जम्मू-कश्मीर सरकार एक लाख करोड़ रुपये के नुकसान का मांगपत्र केंद्र सरकार को सौंपेगी। इस संबंध में तैयार किए गए मांगपत्र को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने पारित कर दिया गया।
सीमांत इलाकों में पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी के बाद की परिस्थितियों पर भी कैबिनेट में विचार किया गया। सीमा के पांच किलोमीटर के आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को आरक्षण देने पर भी विचार किया गया।
विश्व बैंक जैसे संगठनों को रियासत में भेजा जाए
पिछले माह रियासत में आई बाढ़ से विभिन्न सेक्टर में हुए नुकसान के लिए उच्चाधिकारियों ने एक लाख करोड़ रुपये के नुकसान का मांगपत्र तैयार किया है। जिसे सरकार ने कैबिनेट में पारित कर केंद्र सरकार को भेजने का फैसला किया है, ताकि केंद्र की मदद से राहत व पुनर्वास कार्यक्रम चलाया जा सके।
नुकसान वाले क्षेत्रों में मुख्य रूप से सरकारी ढांचे, कृषि, रिहायशी घरों, व्यापार और पर्यटन उद्योग को हुए नुकसान को शामिल किया गया है। कैबिनेट में फैसला लिया गया कि केंद्र सरकार से विश्व बैंक जैसे संगठनों को रियासत में भेजा जाए, ताकि उत्तराखंड में आपदा के बाद विदेशी संगठनों ने जिस तरह मदद की, वैसी मदद रियासत को भी मिल सके।